पुलिस ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में 16 प्रत्याशियों को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी माना है। दो चरणों में ऐसे प्रत्याशियों की सूची कैंट पुलिस ने शुक्रवार को चुनाव अधिकारी को सौंप दी। हालांकि सूची के सार्वजनिक करने पर चुनाव अधिकारी ने पुलिस से कड़ी आपत्ति जताई है और उसकी वैद्यता पर सवाल खड़ा करते हुए एसएसपी को पत्र लिखा है। उधर, दोषियों की सूची को लेकर यूनिवर्सिटी में पूरे दिन घमासान की स्थिति रही।
मामला गर्म तब हुआ जब पुलिस ने सूची यूनिवर्सिटी को सौंपने से पहले सोशल साइट पर जारी कर दी। इसमें शामिल आठ प्रत्याशियों में से एबीवीपी के अध्यक्ष प्रत्याशी का नाम देख परिषद के कार्यकर्ता उबल पड़े। उन्होंने प्रदेश सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। नाराज कुछ कार्यकर्ता प्रतिद्वंद्वी द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन का साक्ष्य लेकर डीएम के पास पहुंच गए और ऐसे सभी प्रत्याशियों को भी सूची में शामिल करने को कहने लगे।
उधर, कार्यकर्ताओं की एक टीम प्रांत संगठन मंत्री कमल नयन के नेतृत्व में सदर सांसद महंत आदित्यनाथ से मिलने पहुंची और उनसे प्रशासन द्वारा की जा रही कथित ज्यादती की शिकायत की। पूरी बात सुनकर सांसद ने एसएसपी से बात की और उन्हें निष्पक्ष होकर कार्य करने को कहा। दोनों तरफ से पड़े दबाव के बाद पुलिस ने दोपहर बाद नौ और दोषी प्रत्याशियों सूची जारी कर दी। इन प्रत्याशियों को पुलिस ने शैक्षिक व आवासीय प्रांगण और यूनिवर्सिटी के बाहर भवन, सार्वजनिक स्थल व राजकीय भवनों की दीवारों पर लिखने और होर्डिंग लगाने का दोषी पाया है और इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए कार्राई की अनुशंसा की है।
दोषी घोषित प्रत्याशी
कृष्ण मोहन शाही, विशाल सिंह, योगेश्वर नाथ पांडेय, कृष्ण चंद्र तिवारी, अभिषेक यादव, जगदम्बा सिंह श्रीनेत, संगम सिंह श्रीनेत (सभी अध्यक्ष प्रत्याशी), सुमित राय, अजय भूषण धर दुबे, अनूष कुमार मद्धेशिया, विकास राय (सभी उपाध्यक्ष प्रत्याशी), पवन पांडेय व सुजीत कुमार सिंह (दोनों महामंत्री प्रत्याशी), इंद्रमोहन यादव व कुंवर उपाध्याय (सभी पुस्तकालय मंत्री प्रत्याशी)
चुनाव सेल को दोषियों की सूची मिलने से करीब दो घंटे पहले उसे सोशल साइट पर जारी किया जाना, उसकी विश्वसनीयता और वैधता को संदेह के घेरे में लाता है। इस चिट्ठी की प्रतिलिपि किसी अन्य अधिकारी को न भेजा जाना भी संदेहास्पद है। इसे लेकर यूनिवर्सिटी की ओर से एसएसपी को चिट्ठी लिखी गई है। जब तक उनका जवाब नहीं मिलता, इस सूची पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
- प्रो. संजय बैजल, चुनाव अधिकारी
हॉस्टल वार्डेन करेंगी वोट के लिए जागरूक
शुक्रवार को महामंत्री पद की एक प्रत्याशी ने कुलपति से मुलाकात की और उनसे छात्राओं के मतदान में हिस्सा न लेने की समस्या बताई। कुलपति ने उन्हें आश्वस्त किया कि इसे लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पहल करेगा। महिला हॉस्टल की वार्डेन यह सुनिश्चित करेंगी कि वहां की छात्राएं हर हाल में मतदान करें।
छात्र नेता को गिरफ्तार कर सीज की दो गाड़ी
यूनिवर्सिटी के पूर्व उपाध्यक्ष महेंद्र राय को पुलिस ने बृहस्पतिवार रात पैडलेगंज के पास एबीवीपी कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। चेकिंग करने पहुंचे एसपी (सिटी) से वह उलझ गए थे। पुलिस ने चेकिंग में प्रचार सामग्री के साथ पकड़ी गई दो गाड़ियों को भी सीज कर दिया। एसपी (सिटी) हेमराज मीणा ने बृहस्पतिवार रात करीब 10:15 बजे पैडलेगंज स्थित एबीवीपी कार्यालय पहुंचे। छात्र नेताओं के साथ यहां मौजूद प्रत्याशियों से रात में रुकने की वजह पूछने पर यूनिवर्सिटी के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. महेंद्र राय से उनकी कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने पर पुलिस ने महेंद्र राय को हिरासत में लेकर उनकी बोलेरो भी कब्जे में ले ली। थाने लाने के बाद बोलेरो को सीज कर उन्हें शांतिभंग में पाबंद कर शुक्रवार को कैंट पुलिस ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इसके अलावा रात में छात्र नेता अमर सिंह पासवान की कार में प्रचार सामग्री मिलने पर पुलिस ने उसे भी सीज कर दिया। देर रात तक यूनिवर्सिटी परिसर के चारों तरफ एसपी (सिटी), सीओ कैंट ने फोर्स के साथ सघन चेकिंग की।