संतकबीरनगर। सोमवार की रात आई आंधी- बारिश में तमाम टिनशेड, छप्पर और पेड़ के साथ पोल उखड़ कर क्षतिग्रस्त हो गए। इसका सर्वाधिक असर मेंहदावल तहसील क्षेत्र में रहा। जहां स्थापित छह विद्युत सब स्टेशन से जुडे़ 500 से अधिक गांवों की बिजली सप्लाई बंद हो गई। इसके अलावा जगह- जगह जल जमाव कायम हो गया।
सांथा प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार की रात करीब 11 बजे आंधी के साथ बारिश शुरू हुई और करीब एक घंटे तक इसका असर रहा। सांथा ब्लॉक मुख्यालय की बाउंड्रीवाल पर शीशम का पेड़ गिर गया, जिससे बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो गई। रसूलपुर चौधरी निवासी गफ्फार का गांव के बाहर खेत में डाला गया टिनशेड उड़ गया। जबकि देवकली-भटौरा मार्ग पर जामुन का पेड़ गिरा और निधुरी - परसाशुक्ल मार्ग पर पेड़ गिर जाने से करीब दो घंटे तक रास्ता बाधित रहा। इसके अलावा कई जगह विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। बखिरा प्रतिनिधि के अनुसार आंधी से कोई खासा असर तो नहीं रहा, लेकिन बारिश से बखिरा, अमरडोभा और लेडुआ महुली के मुख्य मार्ग पर जलजमाव हो गया। इससे लोगों को आने- जाने में परेशानी हुई। बघौली और धनघटा प्रतिनिधियों के अनुसार आंधी -बारिश की वजह से रात में बिजली गुल हो गई और मंगलवार को दोपहर में बिजली की सप्लाई हुई। इसके अलावा कुछ जगह जल जमाव हो गया। धनघटा- खलीलाबाद मार्ग पर सियरासांथा गांव के पास सड़क पर शीशम की डाली टूट कर गई। जिसे आस-पास के लोगों ने हटाया और मार्ग साफ किया। बिजली विभाग के एक्सईएन संजय सिंह ने बताया कि आंधी- बारिश का सर्वाधिक असर मेंहदावल तहसील क्षेत्र में रहा है। क्षेत्र में करीब 55 पोल टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए। इस क्षेत्र में मेंहदावल में कसबा और ग्रामीण सब स्टेशन, कुशहरा सब स्टेशन, बौरब्यास सब स्टेशन, केसवापुर विद्युत सब स्टेशन से जुडे़ 500 से अधिक गांवों की सप्लाई बंद हो गई है। जहां व्यवस्था सुधारने में कम से कम 24 घंटे का वक्त लगेगा। जबकि धनघटा क्षेत्र में आंधी की वजह से हरिहरपुर, मोलनापुर, मुखलिसपुर आदि सब स्टेशन से जुडे़ गांवों की बिजली व्यवस्था भी सोमवार की रात प्रभावित हुई थी, लेकिन वहां सप्लाई बहाल कर दी गई है।