प्राकट्य दिवस के अवसर पर हुए विविध आयोजन, विभिन्न प्रांतों आए श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर।
सद्गुरु कबीर के प्राकट्य दिवस पर सोमवार को कबीरचौरा परिसर में विविध आयोजन हुए। कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह छह बजे बीजक पाठ से हुई। शाम को छह बजे आमी की आरती भी हुई। कार्यक्रमों में विविध प्रांतों से आए कबीर पंथी और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
इस अवसर पर महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने विश्व शांति की बात की है। आज के दौर में बस आवश्यकता है उनके विचारों को आत्मसात करने की। सद्गुरु कबीर ने प्रेम अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का जीवन भर प्रयास किया। सद्गुरु जीवन भर बाह्य आडंबरों से लड़ते रहे। उन्होंने मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। सभी मानव एक समान है। आज मानव अपने लक्ष्य से भटक रहा है, उसकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। जबकि सद्गुरु ने खुद करके दिखाया। कबीर की वाणी के जरिये ही खुशहाली लाई जा सकती है। उन्होंने इस आयोजन को भव्य बनाने की बात कही। छह जून को कबीर की धूनी कसरवल में सुबह सात बजे से 11 बजे तक पांच संतों गोरखनाथ, कबीर साहेब, गुरु रविदास जी, गुरु नानकदेव एवं वैष्णो संत केशर दास पर चर्चा होगी। दोपहर दो बजे भजन संध्या और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व सत्संग, कबीर भजन के भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर महंत नरेंद्र दास, गुड्डू वर्मा, संत केशव दास, संत राम सेवक दास, अरविंद दास, घड़ी साहेब, कोतवाल दास, अवधेश सिंह, डॉक्टर राकेश सिंह, अभिजीत श्रीवास्तव, रविप्रकाश पांडेय, विजय तिवारी, भोलू सिंह, संपूर्णानंद त्रिपाठी, जगन्नाथ दास, पारसनाथ, अवधेश दास, त्रिलोकी वर्मा आदि मौजूद रहे।