सलेमपुर। भीटा की जमीन से कब्जा खाली कराने गए नायब तहसीलदार और राजस्वकर्मियों से चौकीदार उलझ गया। पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार किया तो चौकीदार शांत हुआ। कब्जा खाली कराने के बाद पुलिस के सामने झोपड़ी में आग लगाकर भाग गया। इससे अफसरों में अफरातफरी मच गई। पुलिस इस मामले में चौकीदार समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। उसकी चौकीदारी समाप्त करने के लिए एसडीएम ने डीएम को रिपोर्ट भेजा है।
कोतवाली क्षेत्र के चेरो गांव के चौकीदार गब्बूलाल भीटा की जमीन पर लंबे समय से कब्जा कर रखा था। प्रधान की शिकायत पर बीच में तहसील प्रशासन ने कब्जा खाली कराने की हिदायत दी। बावजूद इसके कब्जा खाली नहीं किया। सोमवार को नायब तहसीलदार डॉ. संजीव कुमार राय के नेतृत्व में राजस्वकर्मी और पुलिस टीम कब्जा खाली कराने दोपहर में पहुंची। अफसरों को देख चौकीदार और उसके घरवाले उग्र हो गए और विरोध करने लगे। पुलिस जब तेवर में आई तो लोग शांत हो गए। किसी तरह भीटे की जमीन पर पड़े झोपड़ी और चारा मशीन को प्रशासन ने हटवा दिया। इसी बीच पुलिस और प्रशासन के सामने चौकीदार ने झोपड़ी में आग लगा दी। यह देख अफसर दंग रह गए और आग बुझाने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिया, जबकि चौकीदार भागने में सफल रहा। कोतवाल विजय सिंह गौर ने बताया कि प्रधान के पति शिवशंकर गुप्ता की तहरीर पर चौकीदार गब्बूलाल, लक्ष्मी, अमरनाथ, कन्हैया और सुभावती पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
एसडीएम से भी किया था तकरार
सलेमपुर। तीन जून को चौकीदार कोतवाली में समाधान दिवस के दौरान एसडीएम से कहासुनी किया था। इस मामले में एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई चौकीदार पर किया था। अफसरों की मानें तो चौकीदार भीटा की जमीन से कब्जा खाली नहीं करना चाहता था। कई बार चेतावनी दी गई। लेकिन उसने कब्जा खाली नहीं किया।