गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों की स्नातक कक्षाओं में प्रवेश उन्हीं विद्यार्थियों को दिया जाएगा जिन्होंने संयुक्त स्नातक प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया है। वहीं अल्पसंख्यक कॉलेज 50 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश ले सकेंगे। शेष सीटों पर प्रवेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों का दाखिला होगा। अगर कोई कॉलेज 50 फीसदी से ज्यादा सीटों पर स्वयं प्रवेश लेता है तो वह अवैध माना जाएगा।
कुलपति प्रो. वीके सिंह की अध्यक्षता में हुई प्रवेश समिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए। बैठक में कुछ महाविद्यालयों द्वारा समानांतर प्रवेश प्रक्रिया चलाने का मामला उठा। समिति के सदस्यों ने इसे आपत्तिजनक और अस्वीकार्य बताकर स्पष्ट कर दिया कि ऐसे प्रवेश मान्य नहीं होंगे। संयुक्त प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रो. राजवंत राव ने बताया कि अल्पसंख्यक कॉलेज भी 50 फीसदी सीट पर स्वतंत्र होकर प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की समस्त कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई है।
एलएलएम प्रवेश में विधि स्नातक छात्रों के अंक नहीं कटेंगे
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रवेश समिति की बैठक में एलएलएम में प्रवेश के लिए सत्र विलंब होने से एक साल गैप होने पर पांच प्रतिशत अंक कटौती का भी मामला उठा। प्रवेश समिति ने विद्यार्थियों के अनुरोध पर निर्णय लिया कि सत्र 2017-18 में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का रिजल्ट भले ही देर से आया है, एलएलएम प्रवेश में अंक की कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि यह निर्णय सिर्फ एक साल के गैप पर ही लागू होगा। इस वर्ष सत्र 2017-18 और 2018-19 के विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। सत्र विलंब होने से नियमत: 2017-18 बैच के विद्यार्थियों का एलएलएम में प्रवेश लेने पर पांच अंक काट लिया जाता है। विद्यार्थियों का कहना था कि सत्र विश्वविद्यालय के चलते विलंब हुआ है। इसलिए उनके अंक से कटौती न की जाए। इसे देखते हुए प्रवेश समिति ने छूट दी है।