लोकसभा चुनाव की तारीखें जल्द तय होंगी, फिर चुनाव होंगे। ऐसे में ‘अमर उजाला’ की डिजिटल टीम ने शनिवार को शहर के आम लोगों, युवा, महिला और जनप्रतिनिधियों से बात की। स्थानीय मुद्दे, रोजगार और विकास पर चर्चा हुई तो जनता के मन की बात सामने आई। हमारी डिजिटल टीम ने जानाना चाहा कि एक दिन का पीएम बनकर वह क्या करेंगे। इस पर राकेश पांडेय ने कहा कि पहला काम पाकिस्तान को बर्बाद करना रहेगा। इससे आतंकी हमले पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। सुमित, विवेक, शोभित, दुर्गेश, गौरव ने भी आतंकी हमलों और जवानों की शहादत पर नाराजगी जताई। कहा कि अब पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है।
बातचीत में सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं ने जहां भाजपा सरकार को फेल बताया, वहीं भाजपा ने कहा कि विकास की गंगा बह रही है। बताया कि एम्स की ओपीडी चलने लगी। खाद कारखाना जल्द ही बन जाएगा। पिपराइच चीनी मिल का उद्घाटन होना है। सड़कों की चौड़ाई देख लीजिए। बिजली, साफ-सफाई और कानून व्यवस्था सब में सुधार हुआ है।
डिजिटल टीम ने शाम गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने पंत पार्क में महासंग्राम-2019 पर संवाद किया। बड़ी संख्या में युवा आए और अपनी राय रखी। बसपा के मंडल प्रभारी संजय पांडेय ने कहा कि इंसेफेलाइटिस की समस्या जस का तस है।
ऑक्सीजन कांड के आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। बच्चों के मौत का सिलसिला जारी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि विकास का दावा खोखला है। भ्रष्टाचार पर आंख मिलाकर भाजपाई बात नहीं कर पा रहे हैं। जाम, जलभराव की समस्या गंभीर है। इसका जवाब भाजयुमो के क्षेत्रीय अध्यक्ष रणजीत राय बड़े और मनोजमणि त्रिपाठी ने दिया। नेताओं ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस के नेता झूठ फैलाकर चुनाव जीतना चाह रहे हैं। अब जनता समझदार हो गई है। झूठ के चक्कर में नहीं आएगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से गोरखपुर भी लिंक होगा। नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी। इस मौके पर विक्की कुकरेजा, छात्रनेता सुमित राय, नवीन यादव, रितेश, विनय यादव, संजय यादव, प्रकाश, मोनू, अभय, दिवाकर और मोहित ने भी अपनी बात कही।
... विकास की रफ्तार बढ़ी है
इससे पहले डिजिटल टीम ने शनिवार की सुबह गोलघर में सैर और चाय पीने वालों से बात की। चाय पर चर्चा के दौरान रत्नेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की रफ्तार बढ़ाई है। यह साफ दिख रहा है। इसके बाद डिजिटल टीम आरपीएम एकेडमी सिविल लाइंस गई। शिक्षिकाओं से बात हुई तो आधी आबादी के मुद्दे सामने आए। पता चला कि शहर में पहले की अपेक्षा सुरक्षा का माहौल है। बदलाव दिख रहा है, लेकिन पूर्ण विकास में समय लगेगा।