गोरखपुर। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राज्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। जिलाधिकारी ने हड़ताली कर्मचारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, वहीं कर्मचारी नेताओं ने भी दो टूक कहा, सरकार कितनी भी सख्ती कर ले। वे पीछे नहीं हटने वाले। उनकी मांग जायज है और अपने हक के लिए वे हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
बृहस्पतिवार को भी लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, आरटीओ, आईटीआई, कई प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक- कर्मचारी पेंशन बहाली मंच के नेतृत्व में सुबह 11 बजे नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में एकत्रित हुए। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष भक्तराज राम त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा हक है। इसे लेकर रहेंगे। यदि किसी भी कर्मचारी, शिक्षक को हड़ताल के नाम पर प्रताड़ित करने की कोशिश की गई तो परिणाम भयानक होंगे।
संघ के संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों को पूरे दमखम के साथ हड़ताल करने की जरूरत है। यह संघर्ष तब तक चलता रहेगा, जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती। धरने की अध्यक्षता करते हुए हरेन्द्र राय ने कहा कि 12 फरवरी तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। हालांकि कलेक्ट्रेट, कमिश्नरी, सिंचाई विभाग, रोडवेज, नगर निगम, विकास भवन समेत कई विभागों में पहले दिन की ही तरह कामकाज जारी रहा। हड़ताल से आरटीओ कार्यालय में आए कई लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
धरने में प्रमुख रूप से श्रीधर मिश्र, ज्ञानेन्द्र ओझा, राकेश दुबे, इजहार, बाल विनोद शुक्ल, तारकेश्वर शाही, संतराम, सूर्यभान, अमरजीत यादव, संजय दुबे, रामधनी, नीलकंठ दुबे और पृथ्वीनाथ गुप्त समेत सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी-शिक्षक उपस्थित थे।
हड़ताल अवैध है। जो कर्मचारी कामकाज नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसी सिलसिले में मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार की देरशाम वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की। साफ कहा कि आंदोलन अवैध है। किसी को कामकाज ठप करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम गोरखपुर
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना जारी
गोरखपुर। मानदेय बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लेकर कामबंद-कलमबंद हड़ताल कर रहीं आंगबाड़ी व सहायिका एसोसिएशन का धरना नगरनिगम पार्क में तीसरे दिन जारी रहा। कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने कहा किसरकार से भीख नहीं अपना हक मांग रहे हैं। सरकार ने हमसे वादा किया था कि मानदेय बढ़ा देगी पर अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक उनका धरना जारी रहेगा। बेहतर है कि सरकार पहले चेत जाए अन्यथा उसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।