गोरखपुर। वेतन बढ़ाने समेत पांच मांग को लेकर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। विभिन्न बैंक यूनियनों के मुताबिक बैंकों में काम नहीं होने की वजह से करीब तीन सौ करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा। उधर दोपहर तक ही आधे से अधिक एटीएम खाली हो गए। कुछ में जहां रुपया था, वहां लंबी लाइन लगी रही। बैंकों की हड़ताल और छुट्टी की वजह से अभी और संकट गहराने के आसार हैं। महीने का चौथा शनिवार और फिर रविवार की वजह से लगातार दो दिन और बैंक बंद रहेंगे। सोमवार को सिर्फ एक दिन के लिए बैंक खुलेंगे इसके बाद 25 को क्रिसमस की छुट्टी और फिर 26 दिसंबर को फिर बैंक कर्मचारी संगठनों की हड़ताल प्रभावित है।
सुबह 11 बजे सभी बैंकों के अधिकारी, कर्मचारी एसबीआई मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और फिर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहां से यूनियन के बैनर आदि के साथ बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों ने रैली निकाली जो बैंक रोड, विजय चौक, गणेश चौराहा, गोलघर, कचहरी चौराहा, टाउनहाल होते हुए वापस एसबीआई की मुख्य शाखा पर पहुंच कर समाप्त हुई।
एसोसिएशन के पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष दीपक चौधरी, जिला सचिव सुशीत कुमार व जोनल सेक्रेटरी मनोज त्रिपाठी ने बताया कि बैंक के स्केल एक से स्केल सात तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का हर पांच साल पर वेतन पुनरीक्षित होता है, लेकिन यह लंबे समय से नहीं किया गया है। अब सरकार ने नया आदेश निकाला है कि सिर्फ स्केल तीन तक ही वेतन पुनरीक्षित होगा। सेवानिवृत बैंक अधिकारियों के स्वास्थ्य बीमा की किस्त देने, सभी बैंकों के समस्त अधिकारियों को समान स्केल देने सहित पांच मांगों के लिए एसोसिएशन विरोध कर रहा है। इस दौरान एमपी कश्यप, दीपक चौधरी, अंकित शर्मा, धीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रशांत कुमार मिश्रा, शंभूनाथ झा, राजेश कुमार श्रीवास्तव, राजकपूर, अखिलेश कुमार सिंह, शिवनंदन सहाय एवं विजया बैंक, इंडियन बैंक व इलाहाबाद बैंक के अधिकारी मौजूद थे।