निरीक्षण करने पहुंचे मेयर को कर्मचारियों ने ज्ञापन भी दिया।
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मेयर बनने के बाद पहली बार निरीक्षण करने पहुंचे सीताराम जायसवाल नगर निगम की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए। लाइब्रेरी में गंदगी दिखी तो पार्किंग में बेतरतीब ढंग से गाड़ियां खड़ी थीं। नाराज मेयर ने निगम के अधिकारियों को इसमें तत्काल सुधार करने की नसीहत दी।
शुक्रवार को मेयर सीताराम जायसवाल ने कुछ पार्षद और पार्षद प्रतिनिधियों के साथ निगम की लाइब्रेरी का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें वहां काफी गंदगी दिखी। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारी से लाइब्रेरी की सफाई व्यवस्था आदि के बारे में जानकारी ली। कहा कि नगर निगम परिसर को ही साफ सुथरा नहीं रखेंगे तो दूसरे के सामने क्या उदाहरण पेश करेंगे। ऐसे में निगम में सफाई कुछ इस ढंग की होनी चाहिए कि जो उदाहरण बन सके। उन्होंने नगर आयुक्त को भी फोन पर इस संबंध में निर्देश दिया। निगम परिसर स्थित पार्किंग एरिया का निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थित ढंग से गाड़ियों के रखे जाने पर नाराजगी जताई और इसे ठीक करने के लिए कहा। इस दौरान पार्षद चंद्रशेखर सिंह, पार्षद प्रतिनिधि रमेश गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।
निगम कर्मचारियों ने मेयर को दिया ज्ञापन
नगर निगम कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले निगम के कर्मचारियों ने मेयर सीताराम जायसवाल को ज्ञापन देकर उनकी लंबित मांगों को पूरा कराने की मांग की। इस मौके पर अध्यक्ष कौशल कुमार शुक्ल के नेतृत्व में नगर विकास मंत्री को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि कर्मचारियों की 17 मांगों का ज्ञापन कई बार शासन-प्रशासन को दिया गया। इसके बाद भी इसको लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। अगर जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो महासंघ प्रदेश व्यापी आंदोलन को बाध्य होगा। कौशल ने बताया कि मेयर ने मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से मिलकर उनकी समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान शेषनाथ पांडेय, देवानंद त्रिपाठी, रामअधार दास, अमृतपाल सिंह, संजय श्रीवास्तव, ओम प्रकाश, जगदीश तिवारी, टोनी पांडेय, शक्ति मिश्रा, रामदरश सिंह आदि मौजूद रहे।