गोरखपुर।
नगर निगम के 70 वार्डों के ओबीसी, एससी और एसटी सीटों का गणित बदल गया है। 2012 का जो आरक्षण तय था, उसके मुताबिक 2017 में एक भी सीट आरक्षित नहीं है। इस बार नई सीटें आरक्षित की गई हैं। इससे तमाम दावेदारों की प्रत्याशिता खतरे में पड़ जाएगी। पूर्व पार्षद भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
वार्डों का जो आरक्षण तय हुआ है, उसके मुताबिक महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर- एक, जंगल बेनी माधव, सेमरा और इंजीनियरिंग कॉलेज वार्ड को एससी किया गया है। ये चारों वार्ड पिछले चुनाव में ओबीसी महिला और पुरुष के लिए आरक्षित थे। हुमायूंपुर उत्तरी, जंगल तुलसीराम पूर्वी, नौसड़, लोहिया नगर, कल्याणपुर, सूर्यकुंड धामनगर, जाफराबाजार, काजीपुर खुर्द, मोहद्दीपुर, तिवारीपुर, अलीनगर, पुराना गोरखपुर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर का भी गणित बदला है। ये सीटें पिछली बार ओबीसी के लिए आरक्षित थीं। पिछली बार एससी के लिए आरक्षित रहीं चरगावां, राप्तीनगर, शिवपुर सहबाजगंज, गोपलापुर, जटेपुर उत्तरी, जंगल सालिकराम, माधोपुर और उर्वरक नगर का गणित भी बदल गया है। इनमें से कुछ सीटें अनारक्षित तो कुछ ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। महिलाओं को भी सीटें मिली हैं।