गोरखपुर।
मानबेला की जमीन अधिग्रहण के मामले में मंगलवार की शाम किसानों और प्रशासन के बीच हुई बैठक में ब्याज कटौती नहीं करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी। तय हुआ कि मंडल स्तरीय कमेटी अधिग्रहित की गई जमीन को लेकर पूर्व में दिए गए मुआवजे पर ब्याज नहीं वसूलने के लिए राज्य स्तरीय कमेटी को अपनी संस्तुति करेगी। कमिश्नर की अध्यक्षता में करीब एक घंटे तक चली बैठक में किसान नेता बरकत अली समेत कई किसान मौजूद थे। किसानों का कहना था कि जब तक प्रशासन ब्याज कटौती नहीं करने की घोषणा नहीं करेगा तब तक वे मुआवजा लेने को तैयार नहीं होंगे। जीडीए उपाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि मानबेला का मामला सुलझ गया है, जल्द ही मुआवजे का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
मानबेला किसानों में भी दो फाड़ हो गया है। एक धड़ा किसान नेता बरकत अली के साथ है तो दूसरा धड़ा कांग्रेस नेता राणा राहुल सिंह के साथ। दूसरा गुट राणा राहुल के नेतृत्व में पिछले सात दिनों से सत्याग्रह कर रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें मौजूदा सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा दिया जाए। फिर से सर्वे कर स्कूल, मस्जिद और मौके पर बने मकानों को अधिग्रहण से बाहर रखने के साथ ही 10 फीसदी जमीन विकसित कर किसानों के लिए सुरक्षित रखा जाए।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक अफसरों के साथ मंगलवार को किसान नेता बरकत अली के गुट के किसानों की बैठक में दूसरे गुट के किसान शामिल नहीं हुए। उनका कहना है कि जबतक उनकी तीनों मांगे नहीं मान ली जाती, उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। बैठक में कमिश्नर के अलावा जीडीए उपाध्यक्ष, अपर आयुक्त प्रशासन, सीआरओ और जीडीए के चीफ इंजीनियर समेत कई अफसर मौजूद रहे।