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शिवप्रताप शुक्ला होगे केंद्र सरकार में मंत्री-Gorakhpur City

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गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में राज्यसभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ला को जगह देकर भाजपा ने न सिर्फ कैबिनेट राज्य मंत्री कलराज मिश्र के इस्तीफे के बाद पूर्वांचल के प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है बल्कि पूर्वांचल की सियासत में अहम ब्राह्मण कार्ड को भी साधा है। इससे पहले शिवप्रताप शुक्ला यूपी में तीन मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट का अंग रह चुके हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संगठन की बारीकियां सीखकर सियासी सफर आगे बढ़ाने वाले शिव प्रताप शुक्ला जनप्रतिनिधित्व के अतिरिक्त भाजपा में भी कई अहम पदों पर रहे हैं। उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से भाजपा कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिवप्रताप शुक्ल दिल्ली में ही मौजूद हैं। उनके भतीजे अष्टुभुजा शुक्ल ने बताया कि पीएमओ से चाचा को सूचना दी गई थी कि रविवार को मंत्री की शपथ लेने के लिए तैयार रहें।
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चुनौतियों भरा है विद्यार्थी राजनीति से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
एबीवीपी से जुड़कर विद्यार्थी राजनीति से सक्रिय सियासत में आए शिवप्रताप शुक्ला का सफर चुनौतियों भरा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, रामप्रकाश गुप्त व राजनाथ सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शिवप्रताप शुक्ला का नाम सूबे के बड़े ब्राह्मण नेताओं में शुमार रहा है। वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी तल्खी इस कदर बढ़ी कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ हो गए थे। योगी ने राधा मोहनदास अग्रवाल को उनके खिलाफ हिंदू महासभा से चुनाव लड़ाकर जिताने में कामयाबी हासिल कर ली थी। इस चुनाव को हारने के बाद से उन्होंने खुद को मुख्य धारा की सियासत से दूर कर लिया लेकिन खामोशी से भाजपा में बने रहे। सूर्यप्रताप शाही जब प्रदेश अध्यक्ष बने तो शिवप्रताप शुक्ला को प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व मिला था। इसके बाद लक्ष्मीकांत वाजपेयी और केशव प्रसाद मौर्या के नेतृत्व में भी उन्होंने संगठन को धार देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
छात्र जीवन से राजनीति में दखल रखने वाले शिवप्रताप शुक्ला 1978 से लेकर 1981 तक विद्यार्थी परिषद के विभाग संगठन मंत्री के रूप में कानपुर में कार्य किया। उसके बाद वह इलाहाबाद में विभाग संगठन मंत्री रहे। 1989 में वह पहली बार गोरखपुर सदर विधानसभा से विधायक चुने गए। उसके बाद 1991, 1993 और 1996 में भी भाजपा से विधायक चुने गए। 11 जून 2016 को शिवप्रताप शुक्ला राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके बाद ही चर्चाएं होने लगी थीं कि 14 साल बाद उनका सियासी वनवास खत्म हो गया है।
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जिले से चौथे केंद्रीय मंत्री बनेंगे शिवप्रताप
केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व करने वाले शिवप्रताप शुक्ला जिले से चौथे जनप्रतिनिधि होंगे। पुराने दौर में सुखदेव प्रसाद केंद्र में राज्य मंत्री रहे थे। फिर पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह और उनके बाद महावीर प्रसाद केंद्र सरकार की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। आठ साल बाद जिले से एक बार फिर किसी राजनेता को केंद्रीय नेतृत्व में जाने का मौका मिला है।
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