गोरखपुर।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को जिस तरह से बुजुर्ग का इलाज हुआ, वह उसकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। इमरजेंसी में दर्द से तड़पते मरीज को फर्श पर ही लिटाकर इंजेक्शन लगाया गया। गंदे फर्श पर इस तरह से इलाज न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि संक्रमण की वजह भी बन सकता है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए चार टेबल लगी हुई हैं। इन पर लिटाकर मरीजों का इलाज किया जाता है। शनिवार को बरगदवां इलाके के एक बुजुर्ग को लेकर उसके परिवारवाले सुबह 11 बजे इमरजेंसी पहुंचे। चारों टेबल पर मरीज थे तो तीमारदारों ने फर्श पर बैठा दिया। दर्द से तड़प रहे बुजुर्ग वहीं लेट गए। इस बीच वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उन्हें टेबल या स्ट्रेचर पर लिटाना भी जरूरी नहीं समझा। अलबत्ता दर्द से कराह रहे बुजुर्ग को दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिया। इसी बीच वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने इसकी तस्वीरें उतारीं तो जिम्मेदारों को लापरवाही का एहसास हुआ। आननफानन में मरीज को बेड पर लिटाकर इलाज किया गया।
इस संबंध में एसआईसी डॉ. राज कुमार गुप्ता ने कहा कि तीमारदारों ने ही मरीज को जमीन पर लिटा दिया था। चूंकि मरीज तड़प रहा था इसलिए आनन-फानन चिकित्सक ने इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद टेबल पर लिटाकर उसका इलाज किया गया।
दवाओं का संकट बरकरार
गोरखपुर। जिला अस्पताल में जारी अव्यवस्था के बीच दवाओं का संकट भी जारी है। हालांकि, नए एसआईसी आकस्मिक तौर पर कुछ दवाओं की लोकल खरीद कराकर जरूरत पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद भी कई दवाएं जिला अस्पताल के स्टोर में नहीं हैं। इसकी वजह जीएसटी नंबर अब तक अलाट न होना बताया जा रहा है। इसके चलते जिला अस्पताल समेत महिला अस्पताल और सीएमओ ड्रग स्टोर में भी दवाओं की खरीद नहीं हो पा रही है।