संतकबीरनगर। हाईकोर्ट ने सात अक्टूबर 2013 को शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर लगाई गई रोक के बाद जारी शस्त्र लाइसेंसों की रिपोर्ट शासन से मांगी है। इसी के क्रम में शासन द्वारा जिला प्रशासन से मांगी गई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के आदेश के बाद और शासनादेश के बीच चार लाइसेंस लाइसेंस जारी हुए हैं।
डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया हाईकोर्ट ने शासन से सात अक्टूबर 2013 के बाद से 31 मई 2017 के बीच जनपद में जारी हुए शस्त्र लाइसेंस और उनकी वजहों के बारे में जानकारी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि इस बीच जिले में कुल 47 शस्त्र लाइसेंस निर्गत हुए हैं। जिसमें विरासत एवं वृद्ध हस्तांतरण के आधार पर अंतरण समेत कुल 39 शस्त्र लाइसेंस निर्गत हुए हैं। वहीं राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले शूटरों को शस्त्र लाइसेंस निर्गत किए जाने के नियम के तहत एक शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ है। जबकि तीन अपराध पीड़ितों को विशेष परिस्थिति में जारी हुए।
लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश के विपरीत चार शस्त्र लाइसेंस निर्गत हुए। जिसमें कोतवाली क्षेत्र के जंगल कला गांव निवासी अखिलेश कुमार पुत्र नंदलाल को दस अक्टूबर 2013 को रिवाल्वर/पिस्टल, महुली क्षेत्र के तिनहरी गांव निवासी ब्रह्मदेव पुुत्र देवेंद्र कुमार को दस अक्टूबर 2013 को डीबीबीएल गन, संतकुमार यादव पुत्र रामबहाल यादव निवासी कुईकोल कोतवाली को 11 अक्टूबर 2013 को रिवाल्वर/ पिस्टल और धनघटा क्षेत्र के अशरफपुर निवासी रामललित यादव पुत्र रामअचल यादव को 11 अक्टूबर 2013 को रायफल का लाइसेंस निर्गत हुआ। इन सभी को यह लाइसेंस जानमाल की सुरक्षा का हवाला देते हुए दिया गया।
डीएम के मुताबिक हाईकोर्ट ने सात अक्टूबर 2013 को शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई थी, जबकि इस बारे में आठ नवंबर 2013 को शासनादेश जारी हुआ था। ऐसे में हाईकोर्ट के जरिए रोक लगाए जाने के आदेश की तिथि और शासनादेश जारी होने की तिथि के भीतर जिले में ये चारों शस्त्र लाइसेंस जारी हुए। शासन से मांगी गई रिपोर्ट भेज दी गई है। हाईकोर्ट और शासन स्तर से आगे जैसा निर्देश होगा, वैसी कार्रवाई की जाएगी।