शासन से अनुमति मिली तो जल्द ही थानों के मालखानों में पड़ी मूर्तियों का जीर्णोद्धार हो जाएगा। इंटेक ने इसके लिए पहल की तो आईजी मोहित अग्रवाल ने भी साथ दिया है। इंटेक को जोन के थानों में पड़ी सभी अष्टधातु व अन्य कीमती मूर्तियों का ब्योरा उपलब्ध करा दिया गया है। इंटेक से जुड़े लोगों का कहना है कि शासन स्तर पर इसकी पहल शुरू कर दी गई है। जल्द ही पुलिस लाइंस में म्यूजियम बनाकर मूर्तियों को संजोया जाएगा।
गोरखपुर जोन के 11 जिलों के 63 पुलिस थानों के मालखानों में 133 मूर्तियां हैं। इन मूर्तियों को पुलिस ने वर्ष 2000 से 2017 के बीच बरामद किया है। इनमें कई मूर्तियां लावारिस हाल में बरामद हुई थीं। वहीं कई का लंबे समय से न्यायालय में वाद विचाराधीन है। इंटेक के चैप्टर गोरखपुर के संयोजक एम. कंदोई ने आईजी से मिलकर इन मूर्तियों का ब्योरा मांगा था, ताकि म्यूजियम बनाया जा सके।
आईजी के आदेश के बाद इनका ब्योरा उन्हें सौंप दिया गया है। साथ ही आईजी ने अपनी ओर से सहयोग करने के साथ ही शासन की अनुमति की वैधानिक बाधा भी बता दी है। इसके बाद इंटेक ने शासन स्तर पर पहल शुरू कर दी है। गोरखपुर में 18, देवरिया में 13, कुशीनगर में 16, महराजगंज में 10, बस्ती में 5, संतकबीरनगर में 2, सिद्धार्थनगर में 10, गोंडा में 14, बलरामपुर और बहराइच में 19-19 व श्रावस्ती में 7 मूर्तियां मालखाने में पड़ी है। गोरखपुर के कोतवाली थाने में 4, चिलुआताल में 3, बड़हलगंज में 7, झंगहा में 2 और कैंपियरगंज में 2 मूर्तियां हैं।
इंटेक ने मूर्तियों का ब्योरा म्यूजियम के लिए मांगा था, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। यदि वह शासन से अनुमति ले लेते हैं तो पुलिस लाइंस में म्यूजियम बनाकर मूर्तियों को संजोने की योजना है।
- मोहित अग्रवाल, आईजी