काम छोड़ सड़क पर उतरे अधिवक्ता
कहा, घोषणा पत्र में अधिवक्ता हित में किए गए वादों को नहीं प्रधानमंत्री ने नहीं किया पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। पीएम द्वारा घोषण पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। डुमरियागंज में अधिवक्ता सड़क पर भी उतरे और प्रदर्शन किया। इस संबंध में पीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
दोपहर करीब दो बजे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रमणि पांडेय व महामंत्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिवक्ता हाथ में बैनर लेकर तहसील गेट से निकलकर मंदिर चौराहा होते हुए वापस एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां पीएम और सीएम के विरोध में अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए वादा खिलाफी का आरोप लगाया। अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्तागणों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था करवाने के साथ ही लाइब्रेरी, इंटरनेट व टायलेट की भी व्यवस्था करवाई जाए। जूनियर अधिवक्ताओं को पांच साल तक 10 हजार रुपये स्टाइपेंड हर महीने दिलाया जाए। इस अवसर पर उपाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार रावत, अधिवक्ता राजेश दूबे, राकेश श्रीवास्तव, गणेश शंकर श्रीवास्तव, सरस श्रीवास्तव, मलिक परवेज, सुभाषचंद्र विश्वकर्मा, हरींद्र मौर्य, मनोज मौर्या, दुर्गेश श्रीवास्तव, अखिलेश मिश्र, जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, वीरेंद्र सिंह, ओंकारलाल श्रीवास्तव, वलीउल्लाह हाशमी, अवधेश राही, रंजीत पासवान, नौशाद रिजवी, दिनेश कुमार, भारत भूषण, रूपेन्द्र मोदनवाल, सुल्तान मेंहदी आदि मौजूद रहे।
वहीं, सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं ने पंजीकृत डाक से मांगपत्र पीएम को भेजा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेन्द्र भार्गव की अध्यक्षता व महामंत्री अंजनी कुमार दुबे के संचालन में संपन्न बैठक में बार काउंसिल आफ इंडिया के प्रस्ताव पर समर्थन में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।