गोरखपुर विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद के घर पर पथराव और फायरिंग के आरोपी चार छात्रों को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई। मामले की जांच प्रॉक्टोरियल बोर्ड कर रही है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया जा सकता है।
ट्रांसफॉर्मर जलने और छात्रावास की बिजली गुल होने से नाराज विद्यार्थियों ने 27 दिसंबर को बवाल किया था। छात्रसंघ चौराहे के पास पहले जाम लगाया, फिर चीफ प्रॉक्टर के घर पर धावा बोल दिया। पथराव और फायरिंग की गई। इस मामले में कैंट पुलिस ने एलएलबी के चार विद्यार्थियों को नामजद किया था। 50 अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मामले की जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। इसकी पुष्टि चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद ने भी की है।
उन्होंने बताया कि निलंबित किए गए विद्यार्थी जांच पूरी होने तक परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। दूसरे विद्यार्थियों की भूमिका भी जांची जा रही है। पथराव, फायरिंग में शामिल किसी विद्यार्थी को बख्शा नहीं जाएगा।
ये विद्यार्थी निलंबित
जितेंद्र मणि त्रिपाठी, एलएलबी तृतीय वर्ष (देवरिया के बगहा पोस्ट के गांव कर्पूरी निवासी)
प्रियेश रंजन मालवीय, एलएलबी तृतीय वर्ष (देवरिया के भाटपारानी पोस्ट के गांव महुजा निवासी)
प्रणव द्विवेदी, एलएलबी द्वितीय वर्ष (गोरखपुर)
सुमित राय, एलएलबी द्वितीय वर्ष (गोरखपुर)