डीएम राजीव रौतेला ने कहा कि नक्शा पास करने में देरी से अगर किसी उद्योगपति को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है तो इसके लिए सीधे गीडा के अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। नक्शा पास करने में देरी क्यों हुई, इसकी जांच होगी। इसके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उद्योग बंधु की बैठक में डीएम ने ब्याज माफी मुद्दे पर चर्चा के दौरान ये आदेश दिया। दरअसल, गीडा में औद्योगिक प्लाटों के आवंटन के बाद भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना ही आवंटियों पर समय विस्तारण शुल्क लगा दिया गया। कई उद्योगपतियों के प्रस्तावित नक्शे को पास करने में भी देरी की गई। इससे गीडा के 29 उद्योगपतियों को ब्याज के रूप में करोड़ों रुपये चुकाने का अल्टीमेटम दे दिया गया। उद्योगपति लंबे अरसे से इसका विरोध कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर डीएम रौतेला ने शनिवार को यह आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गीडा के अधिकारियों को टालमटोल वाले रवैए में बदलाव करना होगा। उद्योगपतियों की समस्याओं को दूर करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आदेश दिया कि 20 जनवरी को गीडा में उद्योगपतियों की समस्याओं के निपटारे के लिए उद्योग समाधान दिवस लगाया जाए और मौके पर ही समस्याएं निस्तारित किए जाएं। परिणाम अच्छा मिला तो हर माह इसका आयोजन होगा। उन्होंने गीडा में स्ट्रीट लाइट न जलने, नालियों की सफाई, औद्योगिक क्षेत्र संतोष नगर में सड़क के किनारे अवैध निर्माण हटवाने, इंडस्ट्रियल एरिया में कूड़ा गिराने, गीडा में आंतरिक सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने, औद्योगिक प्लॉटों की रजिस्ट्री कराने में लगी बैंक गारंटी वापस करने के संबंध पर भी विमर्श किया।
बैठक के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के अलावा चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रमोद मसकरा, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, सचिव प्रवीण मोदी, आकाश जालान, हरिहर सिंह, सुमित कक्कड़ आदि मौजूद रहे।