गोरखपुर। वन विभाग ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के पास गोरखपुर में बनने वाले चिड़ियाघर का मास्टर प्लान स्वीकृत होने के लिए भेज दिया है। इसके पास होते ही निर्माण काम में और तेजी आ जाएगी। विभाग जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद जता रहा है।
साल 2009 में शुरू हुआ चिड़ियाघर का निर्माण अब तक पूर नहीं हो सका है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस बहुप्रतिक्षित काम में थोड़ी तेजी दिख रही है। सीएम का जिला होने से शासन इसे लेकर गंभीर बना हुआ है। हाल ही में मुंबई की एक फर्म को चिड़ियाघर की बाउंड्री बनाने के लिए 7 करोड़ का टेंडर दिया गया है। इसी के साथ वन विभाग ने चिड़ियाघर में पशु-पक्षियों के बाड़े बनाने समेत अन्य स्थानों को चिह्नित कर मास्टर प्लान तैयार किया है। माना जा रहा है कि मास्टर प्लान से केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अधिकारी संतुष्ट हैं। जल्द ही इसे अप्रूवल मिल जाएगा। शासन जून 2019 तक इसके पूरी तरह से तैयार कर लेना चाहता है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार मार्च 2018 तक विनोद वन के पशु-पक्षियों को चिड़ियाघर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
शासन ने बनाई यूनिट
शासन ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम की गोरखपुर में नई यूनिट बनाने के साथ प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में संजय कुमार श्रीवास्तव को तैनात किया है। इनकी निगरानी में ही चिड़ियाघर का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
मंत्री ने ली थी जानकारी
वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान कुछ दिनों पहले गोरखपुर आए थे। उन्होंने संबंधित विभाग के अफसरों के साथ सर्किट हाउस में बैठक कर चिड़ियाघर निर्माण कार्य की जानकारी ली थी। दी।