गोरखपुर। राप्ती नदी के जलस्तर के लगातार बढ़ने से गोरखपुर शहर जैसे ‘सैलाब’ के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। लगातार बढ़ रही राप्ती ने लोगों की धड़कन बढ़ा दी है। अभी इस स्थिति के और भयावह होने की आशंका है क्योंकि रविवार सुबह तक राप्ती का जलस्तर 1998 वाले स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं लगातार दबाव बनने से बांध के किसी भी जगह से टूटने की आशंका बढ़ गई है।
अगर ऐसा होता है तो शहर के लोगों को काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ सकता है। शनिवार रात तक राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर ज्यादा हो गया था। केंद्रीय जल आयोग ने रविवार सुबह तक जलस्तर के 77.250 मीटर तक पहुंच जाने की आशंका जताई है। यह जलस्तर 1998 के सर्वाधिक जलस्तर से मात्र 52 सेंटीमीटर ही कम है। प्रति घंटे 1.5 सेंटीमीटर की रफ्तार से राप्ती का पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर बांध से करीब आधे से एक फीट नीचे ही राप्ती का पानी बह रहा है। ऐसे में अगर बांध कहीं से टूटता है तो नौसड़ से पैडलेगंज तक रुस्तमपुर की तरफ के सारे इलाके पानी में डूब जाएंगे।