मेडिकल कॉलेज की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग लेकर प्रदर्शन करते कम्यूनिष्ट पार्टी और एडवा के सदस्य।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों को लेकर भारत की कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों के कार्यकर्ता टाउनहाल गांधी प्रतिमा के समक्ष जुटे और यहां प्रदर्शन के बाद जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां विरोध सभा के बाद सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व एडवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड सुधा सुंदर रमन, प्रदेश अध्यक्ष कामरेड मधु गर्ग और प्रदेश महासचिव कामरेड मालती देवी ने किया।
डीएम कार्यालय पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्वांचल में हर साल हजारों बच्चे इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ दे रहे हैं, लेकिन सरकार गंभीर नहीं है। सीपीआईएम और एडवा जिले में समय-समय पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में इस महामारी पर सरकार का ध्यान केंद्रित कराती रही है। पार्टी के प्रयास से 2014 में स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय कमेटी का गठन भी किया, लेकिन इसकी संस्तुतियों पर एनडीए सरकार ने अमल नहीं किया। इसी कारण ये भयावह स्थिति उत्पन्न हुई। बीते 10-11 अगस्त को मेडिकल कॉलेज में जो घटना हुई वह लापरवाही दर्शाती है। फर्म लगातार नोटिस देकर बकाया भुगतान न होने की सूरत में सप्लाई रोकने को कह रही थी। इसके बाद भी उसे बकाया भुगतान न होना दर्शाता है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन मरीजों की जिंदगियों के प्रति कितना असंवेदनशील रहा। पूरा मामला मेडिकल कॉलेज प्रशासन के घोर अपराध को दर्शाता है।
ज्ञापन के जरिए हादसे में मृत बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने समेत स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी कर स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने की मांग भी की गई। इस दौरान कामरेड सतीश, रामप्रसाद, शोभा, साधू शरण, प्रभा, नूरेसा, दीनानाथ गुप्ता, वीरेंद्र कुमार मिश्र, जावेद अजीज, केके त्रिपाठी, स्टूडेंट इस्लामिक संगठन के पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मोहम्मद राफेल, मोहम्मद राजिक, वाजिद अली आदि मौजूद रहे।