इंसेफेलाइटिस से रोकथाम और बचाव के लिए मंडल के सभी गांवों, नगर पंचायतों और शहरों में 20 मई तक प्रशासन विशेष जन जागरूकता अभियान चलाएगा। सभी परिषदीय स्कूलों में सुबह प्रार्थना के समय विद्यार्थियों को इंसेफेलाइटिस की पहचान और उससे बचने के तरीके बताए जाएंगे। यह सिलसिला इस अभियान के बाद भी निरंतर जारी रहेगी। इसी क्रम में 17 मई को चारों जिले गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के विद्यालयों, ब्लॉक और जिला मुख्यालय से सुबह आठ बजे से 13 हजार जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। इनमें सबसे अधिक करीब आठ हजार रैलियां गोरखपुर में निकाली जाएंगी।
कमिश्नर अनिल कुमार ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि रैली में बच्चों, समाज के जागरूक लोगों के साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों के अफसर, कर्मचारी भी शामिल होंगे। कमिश्नर ने कहा कि इंसेफेलाइटिस को लेकर शासन-प्रशासन सतर्क है। इसे रोकने के लिए निरंतर प्रभावी क ार्रवाई की जा रही है। सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला चिकित्सालयों पर नि:शुल्क उपचार के साथ ही पुनर्वास की जानकारी देने के लिए गांवों में चौपाल लगाई जा रही है। जिले स्तर के अधिकारी इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ चौपालों में डीएम के अलावा वे खुद भी शामिल हो रहे हैं। इसके माध्यम से साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और शौचालय के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए आठ से 13 मई तक मंडल के सभी ब्लॉकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अध्यापक, ग्राम प्रधान आदि को जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
24 से शुरू होगा वैक्सीनेशन
इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के क्रम में मंडल में 24 मई से वैक्सीनेशन किया जाएगा। शहर और गांवों में कैंप लगाकर सभी बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। कोई भी बच्चा न छूटे, इसके लिए एडी हेल्थ, सीएमओ समेत प्रशासनिक अधिकारी इसकी मानीटरिंग करेंगे।
जिला अस्पताल, ईटीसी भी हुए सक्रिय
कमिश्नर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर जिला अस्पताल के विशेष वार्ड और ईटीसी (इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर) को भी सक्रिय किया गया है। 2015 में जहां मेडिकल कॉलेज में 1234 मरीज आए, वहीं जिला अस्पताल में 694 व ईटीसी में 23 मरीजों का इलाज हुआ। इसी तरह 2016 में मेडिकल कॉलेज में 1386, जिला अस्पताल में 1294 तथा ईटीसी में 137 मरीज आए।