जो नियति से भिड़ने का माद्दा रखते हैं खुदा भी उनकी मदद करता है। कुछ ऐसा ही सहजनवां (गोरखपुर) के मोहम्मद सईद के साथ मुंबई में हो रहा है। बीवी यास्मीन को लकवा मार गया तो सईद ढाई साल के बेटे मुजम्मिल को गोद में लिए ऑटो लेकर मुंबई की सड़कों पर उतर गए। सोशल मीडिया पर सईद की गोद में रोते मासूम की कहानी वायरल हुई तो उनकी मदद के लिए कई लोग आगे आ गए। इसे सईद खुदा का करम भले ही मानें मगर असलियत में ये हालात से लड़ने की उनकी जद्दोजहद का ही असर है।
काम की तलाश में 10 साल पहले सईद मुंबई गए थे। बंगलूरू की यास्मीन उनकी बीवी बनीं। हाल ही में यास्मीन को लकवा मार गया तो बीवी के इलाज के साथ ही बेटे मुजम्मिल और दुधमुंही बेटी मुस्कान की परवरिश की चुनौती सईद के सामने खड़ी हो गई। पड़ोसी ने मुस्कान को संभाला तो सईद अपनी गोद में मुजम्मिल को लेकर ऑटो से सवारियां ढोने लगा। ऑटो पर उसकी गोद में रोते मासूम पर फिल्म निर्देशक और पूर्व पत्रकार विनोद कापड़ी की निगाह पड़ी। उन्होंने ऑटो चालक सईद के नंबर (9702098346) के साथ उसकी कहानी ट्वीट से बयां कर दी। इसके बाद कुछ लोगों ने इसे महाराष्ट्र के सीएम समेत कई सामाजिक संस्थाओं से साझा किया। असर यह रहा कि मुंबई की सड़कों पर संघर्ष कर रहे सईद के सहयोग को अब कई लोग आगे आए हैं।
सईद का दर्द एक्टर एजाज खान करेंगे साझा
सईद को ‘अमर उजाला’ ने फोन किया तो बातचीत में उसने बताया कि सहजनवां से अम्मी जैरुन्निशा, अब्बू अब्दुल शेख, भाई रईस और भाभी जेहाना के मुंबई के लिए रवाना हो रहे हैं। बताया कि एक्टर एजाज खान ने बेटे मुजम्मिल की परवरिश के साथ पत्नी के इलाज में मदद का भरोसा दिया है। एक्टर एजाज खान के मैनेजर से भी फोन पर बात कराई। उन्होंने बताया कि मुजम्मिल और मुस्कान की देखभाल के लिए दाई की व्यवस्था की है। एक्टर एजाज अपने फैंस और दोस्तों से यास्मीन के इलाज के लिए मदद की अपील करेंगे।