दिनदहाड़े घर में घुसे बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर 13 लाख रुपये से अधिक कीमत के गहने और 50 हजार रुपये की नकदी लूट ली। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के सोनूघाट चौराहे का है। घटना से आक्रोशित लोगों ने चौराहे पर जाम लगा दिया, जिससे देवरिया-सलेमपुर, बरहज मुख्य मार्ग पर सवा घंटे तक आवागमन ठप रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
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सोनूघाट चौराहे पर राजेंद्र जायसवाल का मकान है। आगे किराने की दुकान और पीछे मकान में परिवार के लोग रहते हैं। शनिवार सुबह राजेंद्र दुकान पर थे। पत्नी प्रमिला देवी बच्चों का इलाज कराने देवरिया आई थीं। बहू डिंपल पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में गई थी। करीब 11 बजे डिंपल लौटी और बर्तन धुलने के बाद ऊपर के कमरे में पहुंची। वहां पहले से दो लुटेरे आलमारी खंगाल रहे थे। उन्हें देखकर डिंपल ने भागने की कोशिश की, लेकिन लुटेरों ने उसे पकड़ लिया और तमंचा दिखाकर गहने और रुपये मांगने लगे।
बदमाशों ने उसका मुंह, हाथ और पैर दुपट्टा से बांध दिया। गले से मंगलसूत्र, कान की बाली और चेन छीन ली। नीचे के एक कमरे में भी बदमाशों ने आलमारी खोलकर गहने और रुपये चुरा लिए और भाग निकले। बाद डिंपल ने किसी तरह बंधन से मुक्त होकर दुकान पर बैठे राजेंद्र को सूचना दी। लूट की जानकारी होते ही चौराहे पर भीड़ जुट गई।
घटना से नाराज लोगों ने दोपहर दो बजे से देवरिया-सलेमपुर-बरहज मार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व इसी दुकान में चोरी हुई थी। पुलिस की लापरवाही से घटनाएं हो रही हैं। यहां पिकेट पर रहने वाले सिपाही दुकानदारों से वसूली करते हैं। सीओ निष्ठा उपाध्याय और कोतवाल अरुण मौर्य के समझाने के बाद भी वे नहीं माने। एक घंटे बाद एएसपी शिष्यपाल, खुखुंदू इंस्पेक्टर श्यामलाल यादव, भलुअनी एसओ राममोहन सिंह पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और सख्ती कर जाम खुलवाया।