पडरौना। करीब पांच साल पहले रामकोला क्षेत्र में दुष्कर्म में विफल होने पर केरोसिन डालकर युवती को जिंदा जलाने के दो आरोपियों को एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन पक्ष से मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता केके पांडेय ने बताया कि रामकोला क्षेत्र की पीड़ित मां ने तहरीर दी थी कि नौ अप्रैल 2014 को दोपहर करीब दो बजे उसकी 16 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। इसी दौरान तैयब और अमित गुप्ता उसके घर में घुस गए। उन्होंने बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।
विफल होने पर मिट्टी का तेल उड़ेलकर उसे जला दिया। आग की लपटों के साथ वह घर से बाहर आ गई। गांव के लोगों ने उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। बेटी ने पुलिस को बयान भी दिया था। आरोपियों के नाम बताए थे। बाद में उसकी मौत हो गई। इस मामले में दुष्कर्म के प्रयास, जलाकर मारने सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की।
मुकदमे में 16 गवाह थे, जो सुनवाई के दौरान मुकर गए। फिर भी दस्तावेजी साक्ष्य एवं मृत्यु से पहले पीड़िता के बयान के आधार पर शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत शुक्ला ने आरोपी तैयब और अमित गुप्ता को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्हें दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। दोनों आरोपी पहले से ही जेल में हैं।