गोरखपुर। सूरजकुंड धाम के जर्जर पीपल के पेड़ को कटवाने की कवायदों के बीच रविवार को वह गिर गया। उसकी चपेट में आने से मटेलू (35) की मौत हो गई। वहीं पास में बैठे अशोक साहनी (45) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पाते ही यूपी 100 की पुलिस टीम मौके पर पहुंचे और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की सक्रियता से एक जान तो बच गई, लेकिन मजदूर युवक की जान चली गई। इस पेड़ को कटवाने के लिए सूरजकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति पिछले डेढ़ साल से मांग कर रही थी।
गोरखनाथ थाना क्षेत्र के बिलंदपुर खत्ता निवासी मटेलू सूरजकुंड धाम के पास ही एक दुकान पर काम करते थे। रक्षाबंधन की वजह से दुकान सुबह नहीं खुली थी तो वह सूरजकुंड धाम पर जाकर बैठ गए। वही सूर्य विहार निवासी अशोक साहनी भी बैठे थे। अचानक पीपल का पेड़ अचानक गिर गया, जिससे दोनों दब गए।
पेड़ गिरने की सूचना पाते ही यूपी 100 के जितेंद्र राव, श्याम बिहारी राम, अरविंद यादव मौके पर पहुंच गए और फिर पुलिस वाहन से ही अस्पताल में भर्ती कराया।
आई थी राखी बांधने, शव देखकर रो पड़ी
मटेलू की बहन अहिरौली निवासी रीता रक्षाबंधन में भाई को राखी बांधने के लिए घर से बहुत अरमानों से निकली थी। घर पहुंचने पर जब भाई का शव देखी तो वह अवाक रह गई। उसके आंसू नहीं थम रहे थे। वह भाई की तस्वीर को लिए बिलख रही थी।
चेता होता प्रशासन तो शायद नहीं जाती जान
गोरखपुर। सूरजकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति के उपाध्यक्ष अमरदीप गुप्ता पिछले करीब डेढ़ साल से पीपल के पेड़ को कटवाने के लिए पत्र लिख रहे थे। सीएम से पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थनापत्र कभी नगर निगम तो कभी वन विभाग के पास जाता रहा, लेकिन पेड़ नहीं काटा गया। शिकायत की फाइल वन विभाग और नगर निगम के बीच ही उलझी रही और रविवार को मजदूर की मौत हो गई।