गोरखपुर। देश का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजन डब्लूएजी-12 मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के ट्रैक पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ा। भारतीय रेलवे के इंजीनियरों की मौजूदगी में गोरखपुर के रास्ते माधेपुरा से सहारनपुर के बीच इस इंजन का ट्रायल हुआ, फिर इंजन गोरखपुर स्टेशन यार्ड पहुंचा। 25 मिनट रुकने के बाद लखनऊ मंडल के लोको पायलट अविनाश कुमार और सहायक लोको पायलट संजीव कुमार इसे लेकर रवाना हुए। ट्रायल के दौरान रेल लाइनों के किनारे सड़क मार्ग से चल रहे इंजीनियर इंजन की गति और क्षमता का आंकलन कर रहे थे।
माधेपुरा लोको इंजन कारखाना में इस शक्तिशाली इंजन का निर्माण हुआ है। चार इंजनों के बराबर क्षमता वाला यह इंजन 12 हजार हार्स पावर का है। यह 65 सौ टन माल को लेकर अधिकतम सौ किमी की रफ्तार से दौड़ सकता है। हालांकि, इसकी अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है। सामान्य इंजन जहां अधिकतम 60 बोगियों को लेकर चलते हैं, वहीं यह इंजन 120 बोगियों को लेकर चल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में मालगाड़ियों को खींचने के लिए चार-चार इंजन लगाए जाते हैं। ऐसे में यह नया इंजन भारतीय रेलवे के लिए कारगर साबित होगा। इस अति आधुनिक इंजन का केबिन पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया है। केबिन में बैठने और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।