जिला मुख्यालय पर बैठक को संबोधित करते भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ।
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सिद्धार्थनगर। गोरखपुर उपचुनाव में हार के बाद शुक्रवार को पहली संगठनात्मक बैठक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश उपाध्यक्ष अक्षयबर लाल गौड़ के समक्ष खुलकर व्यथा बताई। यहां तक की अफसरों और जनप्रतिनिधियों के रुख पर भी नाराजगी जताई। चार साल में भी हाईवे न बनने पर क्षुब्ध कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि यही हाल रहा तो गोरखपुर से भी बुरा हाल होगा।
स्टेशन रोड स्थित लॉज में आयोजित बैठक में नौगढ़ मंडल अध्यक्ष देवेंद्र मिश्र, नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर मित्तल ने कहा कि मुख्यालय की सड़क (ककरहवा-रुधौली) का शिलान्यास खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। कमीशनखोरी के चलते चार साल बाद भी सड़क नहीं बनी है। इसे लेकर जनता में आक्रोश है। सुधार नहीं हुआ तो अंजाम भुगतना होगा। कई अन्य पदाधिकारियों ने तीन विधायकों समेत जिले के चार प्रतिनिधियों के रुख पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि यह जनप्रतिनिधि पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर सपा-बसपा से आए लोगों या ठेकेदारों को लेकर चल रहे हैं। वे लोग अपनी कंपनी चला रहे हैं। अफसर भी सिर्फ उन्हीं की सुन रहे हैं, इससे आम कार्यकर्ता व्यथित हैं। कार्यकर्ताओं की ऐसी ही उपेक्षा का नतीजा गोरखपुर में दिखा है। बैठक में भाजपा के समानांतर चल रहे एक अन्य संगठन पर शिकंजा कसने की बात कही गई।
प्रदेश उपाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं की बात प्रदेश नेतृत्व व मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। वर्ष 2019 में जीत के लिए सामूहिक रूप से पार्टी का कार्य कर संगठन मजबूत बनाने और केंद्र में दोबारा सरकार बनाने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर ने कहा कि कठिन परिश्रम कर भाजपा को फिर से सत्ता में लाना है, सभी कार्यकर्ता यह संकल्प लेकर कार्य करें। संचालन जिला महामंत्री राजेश त्रिपाठी ने किया।