बिजली चोरी करने वाले को जो पकड़वाएगा, उसे पॉवर कारपोरेशन इनाम देगा। एक दिसबंर से लागू हुई इस योजना में पांच किलोवाट या इससे ऊपर की बिजली चोरी की सूचना देने वाले को शमन शुल्क की धनराशि का 10 प्रतिशत बतौर इनाम मिलेगा। यही नहीं, मुखबिर का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।
बिजली की चोरी से पॉवर कार्पोरेशन को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। गोरखपुर में ही नवंबर में बिजली चोरी के कई मामले सामने आए थे। इनमें एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। यही वजह है कि चोरी पकड़वाने के लिए पॉवर कारपोरेशन ने इनामी योजना शुरू की है। चोरी की सूचना सतर्कता इकाई या उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के किसी भी अधिकारी को दी जा सकती है। सूचना पर प्रवर्तन दल या पावर कारपोरेशन की टीम छापामारी करेगी और सफलता मिलने पर शमन शुल्क के रूप में जमा कराई गई धनराशि की दस प्रतिशत प्रोत्साहन राशि मुखबिर को दी जाएगी।
किसी भी माध्यम से दे सकते हैं सूचना
बिजली चोरी की सूचना फोन कॉल, ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया पर या फिर व्यक्तिगत स्तर पर भी दी जा सकती है। चोरी पकड़े जाने पर प्रवर्तन दल इसकी लिखित सूचना कार्यक्षेत्र प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप में देंगे और अपर पुलिस अधीक्षक ऐसे प्रकरणों से संबंधित मुखबिर से संबंधित सूचना गोपनीय पुस्तिका में अंकित करते हुए निजी अभिरक्षा में रखेंगे। अपर पुलिस अधीक्षक के स्तर पर मुखबिर के अभिलेखीकरण के लिए रजिस्टर का प्रारूप भी तय कर दिया गया है। इसमें उसका नाम, पता, फोन नंबर, सूचना का माध्यम, छापामारी स्थल व विवरण, प्राप्त शमन की धनराशि व तारीख, पुरस्कार राशि, मुखबिर और सत्यापनकर्ता के हस्ताक्षर होंगे। पुलिस अधीक्षक प्रवर्तन की ओर से मुखबिर को उसी माह प्रोत्साहन राशि दे दी जाएगी।
बिजली चोरी की सूचना देने वालों के लिए इनाम देने की योजना एक दिसंबर से शुरू की गई है। शासनादेश के मुताबिक पांच किलोवाट से अधिक बिजली चोरी की सूचना देने पर 10 प्रतिशत तक ईनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
- एके सिंह, मुख्य अभियंता