उनवल।
कस्बे में डायरिया से सोमवार की रात फिर एक मौत हो गई। इसके साथ यहां इस बीमारी से मरने वालों की संख्या पांच हो गई। मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनवल पर इलाज के लिए 185 मरीज पहुंचे। इनमें छह की हालत गंभीर देखकर उन्हें रेफर कर दिया गया।
उनवल कस्बे की माधुरी (38) पत्नी अष्टभुजा मिश्र को डायरिया के चलते सोमवार की दोपहर में उनवल स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार देखकर डॉक्टर ने उन्हें घर भेज दिया। रात में उनकी तबियत फिर बिगड़ गई तो परिजन आननफानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर उनकी मौत हो गई। वहीं मंगलवार को सहायक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनवल पर डायरिया पीड़ित 185 मरीज पंजीकृत हुए। इनमें भगवंता निषाद (40), इसरावती साहनी (55), शालिनी सैनी (22), शुभम (5), सनाज खातून (17) और बेला देवी (75) की हालत नाजुक देखकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनका इलाज जिला संक्रामक रोग अस्पताल में चल रहा है। पीड़ितों की लगातार बढ़ रही संख्या से कस्बे में डायरिया को लेकर लोग दहशत में हैं।
सीएमओ ने किया निरीक्षण
सीएमओ रवींद्र कुमार ने मंगलवार सुबह 11 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनवल पहुंचे। मरीजों के इलाज की व्यवस्था को लेकर डॉ. अच्युत प्रसाद से जानकारी ली। सीएमओ ने कहा कि स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ चुकी है। एक हफ्ते में इस पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से पानी उबाल कर पीने और बासी भोजन समेत मछली के सेवन से परहेज की अपील की।
लगाए गए 216 सफाई कर्मचारी
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को कस्बे में 216 सफाई कर्मचारी नालियों की सफाई के लिए लगाए गए। बीडीओ बांसगांव अशोक कुमार पांडेय, एडीओ बांसगांव जनार्दन दुबे और ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र नाथ मिश्र ने सफाई कार्य का निरीक्षण किया।
नहीं मिली एंबुलेंस, टेम्पो से भेजे मरीज
मंगलवार की सुबह एडिशनल पीएचसी उनवल से रेफर किए गए दो मरीज घंटों एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। मरीजों की हालत बिगड़ती देख कर परिवारवालों ने उन्हें टेम्पो से जिला अस्पताल पहुंचाया। इसे लेकर तीमारदारों में गुस्सा भी नजर आया।