गोरखपुर।
गोरखनाथ मंदिर में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अयोध्या के संतों ने राम मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाया। अयोध्या के दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने कहा कि अब बहानेबाजी से काम नहीं चलेगा। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिलकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। संतों को 2019 से पहले ही मंदिर निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। ऐसा नहीं हुआ तो संत आंदोलन करेंगे। सरकार किसकी है, इसकी परवाह संतों को नहीं रहेगी। सरकारें आती-जाती रहती हैं। मंदिर निर्माण पर संत अडिग हैं।
गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित सात दिवसीय (3-10 सितंबर) श्रद्धांजलि सभा का समापन रविवार को हुआ। इसमें अयोध्या के संत राम वेलास वेदांती, नृत्य गोपाल दास और सुरेश दास ने भी हिस्सा लिया। दिगंबर अखाड़े के सुरेश दास ने कहा कि अब भाजपा का ही राज है। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और राज्यपाल भाजपा कोटे से बने हैं। इसके बावजूद मंदिर निर्माण में देरी समझ के बाहर है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समय रहते मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो संत अपना रास्ता तलाशेंगे। संत अगली सरकार बनने का इंतजार नहीं करेंगे। राम मंदिर निर्माण का आंदोलन संतों ने खत्म नहीं किया है। यह स्थगित है। कभी भी शुरू किया जा सकता है। भाजपा के लोग कहते थे कि देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनते ही अयोध्या में मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। अब केंद्र और यूपी में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। अब बहानेबाजी किस बात की। जिस तरह से सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर का निर्माण कराया था, उसी तरह से मोदी और योगी सरकार राम मंदिर का निर्माण कराए। यदि 2019 के पहले मंदिर निर्माण का कार्य नहीं शुरू हुआ तो आंदोलन की विवशता रहेगी।
रामजन्म भूमि के लिए हम फांसी पर चढ़ने को तैयार हैं। जीवन पर्यंत जेल में रहने को तैयार हैं। अशोक सिंघल ने 2015 में कहा था कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए हैं। 2017 में योगी मुख्यमंत्री बनेंगे, तब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा। अब ऐसा होना भी चाहिए। 80 फीसदी मुस्लिम चाहते हैं कि अयोध्या में भव्य मंदिर बने। शिया समुदाय के लोगों ने लिखकर दिया है कि जहां रामलला हैं, वहीं मंदिर बनाया जाए। 6 दिसंबर 2018 तक मंदिर का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- राम वेलास वेदांती, प्रमुख, वशिष्ट आश्रम अयोध्या
मोदी और योगी के शासन काल में ही मंदिर निर्माण शुरू होगा। जो भी वैधानिक अड़चन हैं, उन्हें दूर कर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जाना चाहिए। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उम्मीद है कि संतों को आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- नृत्य गोपाल दास, अध्यक्ष, रामजन्म भूमि न्यास