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बीआरडी में ऑक्सीजन का रेट मनमाना

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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति के लिए हुए नए करार को होल्ड पर डाल दिया गया है। इसलिए इंपीरियल गैस लिमिटेड अब मेडिकल कॉलेज को सिलेंडर की आपूर्ति नहीं कर रही है। इसकी जगह पुरानी फर्म मोदी गैसेज से सिलेंडर मंगाए जा रहे हैं। इस फर्म को मार्च में होल्ड पर डालकर इंपीरियल गैस के साथ नया करार कर लिया गया था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई मासूमों की मौत पर हल्ला मचा तो लिक्विड ऑक्सीजन से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति और खपत की जांच पड़ताल शुरू हुई। शहर की फर्म मोदी गैसेज ने क्राइसिस के दौरान बिना मांगें मेडिकल कॉलेज को 215 सिलेंडर मुहैया कराए थे। यह फर्म पहले भी मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति करती रही थी, लेकिन मार्च में बिना नोटिस दिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इंपीरियल गैस लिमिटेड से करार कर लिया था। मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने जिम्मेदारी संभालने के बाद इंपीरियल गैस लिमिटेड को होल्ड पर डाल दिया और पुरानी फर्म से ही सिलेंडर लेने लगे।
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मोदी गैसेज से ज्यादा थे इंपीरियल के रेट
मोदी गैस के मालिक प्रवीन मोदी ने बताया कि उनकी फर्म जहां 233.33 रुपये प्रति सिलेंडर (7 क्यूबिक मीटर) की दर से ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई करती है, वहीं इलाहाबाद इंपीरियल गैस की ओर से मेडिकल कॉलेज को 235 रुपये की दर से सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी। बेहोशी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड की सप्लाई भी अधिक दर पर हो रही थी। मोदी गैस की दर जहां 5000 रुपये प्रति सिलेंडर (17 क्यूबिक मीटर) है, वहीं इंपीरियल गैस 5150 रुपये की दर से सिलेंडर की सप्लाई कर रही थी।
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कोट-
मोदी गैस का कांट्रैक्ट कैंसल नहीं था बल्कि उसे होल्ड पर डालकर नया कांट्रैक्ट किया गया था। नई फर्म इलाहाबाद की होने से उसे होल्ड पर डालकर शहर की फर्म से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए जा रहे हैं।
डॉ. पीके सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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