जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान गर्मी से डॉ. शहनवाज बेहोश हो गए। इससे इमरजेंसी में हड़कंप मच गया। सूचना पर आनन-फानन में एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर और डॉ. सुमन मौके पर पहुंच गए। डॉ. सुमन ने डॉ. शहनवाज का ब्लडप्रेशर नापा और उन्हें आराम करने को कहा।
मंगलवार को डॉ. शहनवाज की इमरजेंसी में ड्यूटी थी। दोपहर करीब पौने एक बजे इमरजेंसी में जब भीड़ जुटी हुई थी तभी डॉ. शहनवाज को गर्मी से गश आ गया। वह जमीन पर गिर पड़े। इससे वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद स्टाफ उन्हें इमरजेंसी के एक कमरे में ले गया। सूचना पर थोड़ी ही देर में डॉ. सुमन भी पहुंच गए। इस बीच डॉ. शहनवाज होश में आ चुके थे। डॉ. सुमन ने उनका ब्लडप्रेशर चेक किया और आराम करने का सुझाव दिया। इसी बीच एसआईसी भी वहां पहुंच गए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को इमरजेंसी में तत्काल एसी लगाने के लिए कहा। साथ ही गर्मी और उमस भरे माहौल में लेटे डॉ. शहनवाज को अपनी गाड़ी से आराम करने के लिए अपने कार्यालय के पास के कमरे में भेजा।
गर्मी में उबल रहे मरीज और स्टाफ
विभिन्न वार्डों में पंखे और एसी खराब होने से मरीज, तीमारदार और वहां ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ गर्मी में उबल रहे हैं। किसी को इलाज कराने की मजबूरी में तो किसी को मरीज की देखभाल के लिए गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। खराब पंखे और एसी न बदले जाने से स्टाफ को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल के कई पंखे और एसी खराब
जिला अस्पताल में कई पंखे और एसी खराब हैं। इस संबंध में एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर ने पिछले दिनों एई इलेक्ट्रिकल से रिपोर्ट मांगी थी। एई इलेक्ट्रिकल ने उन्हें मौखिक सूचना देते हुए बताया था कि अस्पताल में 37 में से 20 एसी खराब हैं, जबकि 300 में 100 से ज्यादा पंखे खराब हैं। इसके बाद एई का स्थानांतरण हो गया। इसके चलते एसआईसी को अभी तक रिपोर्ट नहीं मिल पाई। इससे इन उपकरणों की खरीद और मरम्मत का काम लटक सकता है। हालांकि, एसआईसी ने कुछ जरूरी जगहों को चिह्नित कर वहां खराब एसी बदलने के लिए संबंधित स्टाफ को कहा है।