गोरखपुर। अगर ऐसा हो कि आप अपनी कार जितनी चलाएं उसकी ऊर्जा खत्म होने की बजाय बढ़ती जाए तो कैसा हो। बात असंभव लगती है, लेकिन इसे संभव कर दिखाया है स्प्रिंगर स्कूल, गोरखनाथ के 12वीं के छात्र हार्दिक श्रीवास्तव ने। उन्होंने ऐसी इलेक्ट्रिक कार का मॉडल विकसित किया है जो चलने के साथ ही स्वत: चार्ज भी होती जाएगी।
एमएमएमयूटी ने हार्दिक के वर्किंग मॉडल को परखने के बाद छह महीने में तकनीक का इस्तेमाल कर कार बनाने की तैयारी की है। इसे मूर्त रूप देने के लिए 18 विद्यार्थियों की तीन टीमें काम करेंगी।
कार तैयार करने में आने वाली करीब पांच लाख रुपये की लागत को सभी आपसी सहयोग से वहन करेंगे।
तकनीक विकसित करने के बाद हार्दिक ने एमएमएमयूटी के असिस्टेंट प्रोफेसर किशन भूषण सहाय से संपर्क किया। परीक्षण में कुछ खामियों को दूर करने के बाद इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. एसके श्रीवास्तव के निर्देशन में इसे तैयार करने का निर्णय लिया गया। असिस्टेंट प्रोफेसर किशन ने बताया कि कार चलते समय स्वत: चार्ज होगी। वहीं इसे बिजली से भी चार्ज करने का विकल्प उपलब्ध होगा।
एमएमएमयूटी के ये छात्र करेंगे निर्माण
उदय प्रताप सिंह, प्रकीर्ण शुक्ला, मोहम्मद आनस, विवेकानंद चौबे, राहुल शर्मा, विकास, मोहन लाल गोंड, गौरव उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, शिवम सिंह, आयुष्मान त्रिपाठी, सृजन भारती, उमर, राहुल पोद्दार, सात्विक सिंह, सत्यम राय, सुबोध राय, निशांत, प्रकाश गौतम।
पांच ब्रांच मिलकर करेंगे काम
इस प्रोजेक्ट पर एमएमएमयूटी के पांच विभाग मिलकर काम करेंगे। इनमें इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, केमिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग शामिल हैं।