गोरखपुर। केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय के साथ ही डिग्री कॉलेज के शिक्षकों को सातवें वेतनमान के संशोधित वेतन का भुगतान मार्च 2019 तक होगा। इस आशय का आदेश 26 जुलाई को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जारी कर दिया है। बढ़े वेतन का लाभ एक जनवरी 2016 से मिलेगा। इसका मतलब है कि तीन साल दो महीने के एरियर का भुगतान एक साथ होगा।
केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय के साथ ही डिग्री शिक्षकों का वेतनमान बढ़ गया है। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षकों के वेतन और एरियर भुगतान की कवायद में जुट गया है। इसी लिहाज से मंत्रालय की निदेशक डॉ. रेणुका मिश्रा ने राज्य सरकारों को पत्र लिखा है। इसकी प्रति गोरखपुर सहित यूपी के तमाम केंद्रीय, राज्य विश्वविद्यालय के कुलपतियों के पास भेजी गई है। इसके मुताबिक वेतन बढ़ने के बाद शिक्षकों के एरियर पर आने वाले कुल खर्च का 50-50 फीसदी भुगतान केंद्र, राज्य सरकार को करना है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के अनुमान के मुताबिक असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर को 14-20 लाख रुपये का एरियर मिल सकता है। इस फैसले से विश्वविद्यालय और डिग्री शिक्षक उत्साहित हैं।
कृषि, चिकित्सा विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी लाभ
यूजीसी के संशोधित वेतनमान का लाभ कृषि और चिकित्सा विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और वेटनरी कॉलेज के शिक्षकों को भी मिलेगा। इसका नोटिफिकेशन भी मंत्रालय की निदेशक ने जारी किया है।
बढ़े वेतनमान और उसके एरियर का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए। इस सिलसिले में शिक्षक संघ ने मानव संसाधन विकास मंत्री और यूपी के शिक्षामंत्री से मुलाकात करने का फैसला किया है।
- प्रो. विनोद कुमार सिंह, अध्यक्ष, गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ