भाेजपुरी नाइट में कलाकारों ने जलवा बिखेरा।
गोरखपुर। गोरखपुर वासियों के लिए मंगलवार की शाम यादगार बन गई। मंच पर बॉलीवुड अभिनेता रविकिशन हरहर महादेव का जयघोष करते उतरे तो गोरखपुरवासी भी उनके साथ आवाज मिलाते नजर आए। अभिनेत्री निधि झा, गायक मनोज मिहिर सहित कई नामचीन कलाकारों से सजी प्रस्तुतियों ने लोगों को झूमाकर रख दिया। मौका था सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में वीएन बालाजी प्राइवेट लिमिटेड के पीवीसी व सीपीवीसी पाइप की लांचिंग का।
ब्रांड अंबेसडर क्रिकेटर आरपी सिंह ने वीएन बालाजी के प्रोडक्ट्स की लांचिंग के दौरान कहा कि तीन बार गोरखपुर आने का मौका मिला। एक बार रेलवे की नौकरी के लिए ट्रॉयल देने आया, जो लगी नहीं और दो बार अन्य सिलसिले से। तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश मणि तिवारी और अभिषेक कुमार पांडेय के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद मंच एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से आबाद रहा। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में लोग अपने चहेते स्टार के साथ सेल्फी खिंचाने के लिए बेताब नजर आए। एंकर श्रेया और सिंगर शिवम ने भी अपनी प्रस्तुति से वाहवाही लूटी। लखनऊ के बैंड की प्रस्तुति पर भी जमकर तालियां बजीं। भोजपुरी गायक समर सिंह के गीतों पर देर तक लोग थिरकते रहे। पूर्व मेयर सत्या पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, मनीष सिंह, विजेन्दर पांडेय, संगम पांडेय, नीरज सिंह, अनीता यादव, साहीन शेख, पूर्णिमा राय, ज्योति गुप्ता, रिमझिम श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।
बेटी तो बेटी है, उसकी कोई जाति नहीं : रविकिशन
गोरखपुर। बॉलीवुड स्टार रविकिशन शुक्ल का मानना है कि बेटी तो बेटी है, उसकी कोई जाति नहीं होती। एक कार्यक्रम के सिलसिले में रेलवे स्टेडियम पहुंचे रविकिशन ने पहले तो मंच से भोजपुरी संस्कृति की तारीफ करते हुए इसे बचाए रखने के लिए प्रेरित किया, फिर बाद में बेटियों के सम्मान पर खुलकर बात की।
उन्होंने इस तरह की घटनाओं पर दुख जताया। फिर आशंका जताई कि इस तरह की घटनाओं के सहारे माहौल खराब करके पाकिस्तान इसका लाभ उठाता है। उन्होंने कठुआ की घटना में पीड़िता के धर्म का जिक्र होने पर दुख जताया। कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा गोरक्षनाथ की माटी उन्हें बार-बार बुलाती है। यहां से उनका खास लगाव है। उन्होंने शुक्ला होने का जिक्र करते हुए गोरखपुर को अपना घर बताया। कहा कि जहां भी शुक्ला लोग हैं, उनके पूर्वज गोरखपुर क्षेत्र के मामखोर के हैं। इसलिए गोरखपुर उन्हें अपने घर की तरह लगता है। जब इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रण मिला तो लखनऊ में फिल्म ‘सनकी दरोगा’ की शूटिंग छोड़कर यहां पहुंच गए।