22 फरवरी को होने वाले गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम रूप लेने लगी हैं। 15 फरवरी से दीक्षांत सप्ताह की शुरुआत होने जा रही है। इससे पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार की सुबह यूनिवर्सिटी में विद्या परिषद की बैठक हुई तो शाम को कुलपति ने दीक्षांत समितियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों की स्थिति जानी और आवश्यक निर्देश दिए।
विद्या परिषद की बैठक में सदस्यों ने यूनिवर्सिटी स्वर्ण पदक और स्मृति पदकों समेत कुल 115 गोल्ड मेडल देने पर मुहर लगा दी। ये पदक स्नातक और परास्नातक परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों में वितरित किये जाने हैं। इनमें 115 पदकों में से 102 सत्र 2014-15 के लिए दिये जाने हैं जबकि शेष 13 पदक सत्र 2011-12, 2012-13 और 2013-14 सत्र की विभिन्न परीक्षाओं के मेधावियों को मिलेंगे। जो पिछले वर्षों में नहीं दिये जा सके हैं। 186 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दिये जाने पर विद्या परिषद ने सहमति जताई।
यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक 6563 छात्र-छात्राओं को इस दीक्षांत के दौरान डिग्रियां दी जानी हैं, वह तैयार कर ली गई हैं। इन डिग्रियों का वितरण 17 एवं 18 फरवरी को परीक्षा सामान्य कार्यालय से होगा। अलग-अलग कक्षाओं के लिए अलग-अलग काउंटर भी तय किए गए हैं। 22 फरवरी को होने वाले इस बार के दीक्षांत में यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और केद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति आकर्षण का केंद्र होगी।
सुरक्षा के लिए प्रशासन से चर्चा जल्द
दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन खासा सतर्क है। शनिवार को समारोह स्थल पर आयोजन से जुड़ी सभी समितियों की गहन बैठक में भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने सुरक्षा संबंधी व्यवस्था के लिए मुख्य नियंता को जिला प्रशासन से बातचीत कर सुरक्षा की रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया। कुलपति के निर्देश के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा जल्द होगी।
बहुमुखी प्रतिभा को भी मिलेगा गोल्ड मेडल
इस बार के दीक्षांत में पहली बार शैक्षिक के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभाओं को भी स्वर्ण पदक देने की तैयारी है। यह पदक गोरक्ष पीठ की ओर से दिये जायेंगे। स्नातक स्तर पर ऐसे छात्र के लिए जहां महंत अवेद्यनाथ स्वर्ण पदक होगा वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर महंत दिग्विजयनाथ गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके सिंह ने बताया कि यह स्वर्ण पदक उन छात्र-छात्राओं को दिए जाने हैं जिन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों, एनसीसी वा एनएसएस में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। इसके लिये आवेदन मांगे गये हैं। विद्यार्थी अपना आवेदन रिकॉर्ड रूम में 15 फरवरी तक कर सकते हैं।