गोरखपुर। तारामंडल क्षेत्र में रामगढ़ताल के पास बन रहे प्रदेश के सबसे चिड़ियाघर का निर्माण तेजी से हो रहा है। लगभग दो सौ करोड़ की लागत से चिड़ियाघर का निर्माण दो चरणों में पूरा होगा। पहला दिसंबर और दूसरा तथा अंतिम चरण मार्च तक पूरा किया जाना है। निर्माण के लिए लगभग 93 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। जबकि सौ करोड़ के आस पास का रिवाइज बिल भी अक्तूबर में कैबिनेट में पास हो गया है।
फि लहाल निर्माण निगम की निगरानी में चार सौ से अधिक मजदूर्र कार्य में लगे हैं। देर रात बारह बजे तक शिफ्ट के हिसाब से काम किया जा रहा है। यहां कुल 31 बाड़े बनाए जाने हैं। पायलिंग का काम पूरा कर लिया गया है। लगभग आठ से दस बाड़े तैयार हो गए हैं। पहले चरण में बुद्धिस्ट साइनेज, इंट्रेंस प्लाजा, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर भवन, बाउंड्रीवाल, ओवर हेड टैंक आदि का काम पूरा होना है।
लगातार दौरा है जारी
चिड़ियाघर निर्माण को लेकर लगातार अधिकारियों का दौरा जारी है। दो दिन पहले ही कमिश्नर, लखनऊ से विशेष सचिव वन समेत कई अधिकारी दौरे पर आ चुके हैं। कुछ दिन पहले प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। कार्य की तेजी पर उन्होंने संतोष जताया था।
बाघ और बब्बर शेर भी लाए जाएंगे
चिड़ियाघर का विस्तार 121.34 एकड़ में होगा। 31 बाड़ों में 30 प्रजाति के वन्य जीव रखे जाएंगे। बाघ, बब्बर शेर, लेपर्ड, भालू, गैंडा, बारासिंघा, काला हिरन, चीतल, सांभर, जेबरा, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी रखे जाने की योजना है। निर्माण निगम परियोजना प्रबंधक डीबी सिंह ने कहा कि जल्द भवनों के निर्माण के बाद जू अथॉरिटी की टीम तय करेगी और कौन से नए जानवरों को रखा जा सके।