गोरखपुर। पॉलिटेक्निक के निजी संस्थानों में अब प्रैक्टिकल के नाम पर प्राइवेट शिक्षकों की मनमानी नहीं चलेगी। इन परीक्षाओं की जिम्मेदारी अब सरकारी शिक्षकों पर होगी। प्राविधिक शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। निजी संस्थानों प्रैक्टिकल परीक्षाएं अब सरकारी शिक्षक ही ले सकेंगे। सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में पुरानी व्यवस्था पर ही प्रैक्टिकल परीक्षाएं कराई जाएंगी। प्राविधिक शिक्षा सचिव का आदेश सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों में पहुंच गया है।
अभी तक निजी संस्थाओं के छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं निजी संस्थान के शिक्षक लेते थे। आरोप लगता था कि निजी संस्थान मनमाने तरीके से छात्रों को पास कर देते हैं, जिससे पॉलिटेक्निक की गुणवत्ता पर सवाल उठता है। जिले में तीन सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान हैं जबकि प्राइवेट संस्थानों की संख्या एक दर्जन से अधिक है।
सचल दल की निगरानी में होंगी प्रैक्टिकल परीक्षाएं
पॉलिटेक्निक छात्रों को प्रयोगात्मक दृष्टि से कुशल बनाने के लिए पहली बार सीसीटीवी और सचल दल की निगरानी में परीक्षाएं होंगी। सचल दल को स्थाई बनाकर परीक्षा कराने की तैयारी है।