जिला जज ने जेल अधीक्षक को तलब किया
जिला जेल में बंद कैदी की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जेल अधीक्षक को न्यायालय में आख्या नहीं देना भारी पड़ गया है। जिला जज ने जेल अधीक्षक को एक फरवरी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
कारागार में बंद कैदी बंका पांडेय उर्फ बांके बिहारी के जमानत के प्रार्थना-पत्र में जेल अधीक्षक ने आख्या देने में लापरवाही की। तबीयत खराब होने पर उसे 28 दिसंबर 2017 को जिला कारागार के चिकित्सालय में भर्ती किया गया। सुधार नहीं होने पर 28 दिसंबर से दो जनवरी 2018 तक जिला अस्पताल में कैदी भर्ती रहा। बंका पांडेय को दो जनवरी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। इसी बीच जिला जज ने जेल अधीक्षक से उसके जमानत के लिए एक आख्या तलब की, लेकिन जेल अधीक्षक की ओर से कोई आख्या नहीं दी गई। तीन जनवरी को बंका केजीएमयू के लिए रेफर किया गया। 19 जनवरी को पुन: आख्या तलब की गई, लेकिन कोई आख्या न्यायालय नहीं आई। इसी बीच बंका की मौत हो गई। फिर भी कोई आख्या जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने नहीं दी। जिला जज आरएस यादव ने जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय को एक फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि किन हालात में कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया।