गेहूं-धान उगाने से नहीं बदलेगी किस्मत : गडकरी
नितिन ने किसानों को बताया आमदनी का जरिया
सुधीर श्रीवास्तव
देवरिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अमीर प्रदेश के गरीब किसानों को देखकर तरस आती है। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर से आते वक्त यहां की जमीन देखी, काफी उर्वरा लग रही थी। इसके बावजूद किसान काफी गरीब हैं। गेहूं-धान उगाने से किसानों की किस्मत नहीं बदलेगी। उन्हें पेट्रोल-डीजल यानी धान के पुआल से इथेनाल पैदा करना चाहिए। कोयले से मिथेनाल बनाना चाहिए। एक टन पुआल से 280 लीटर इथेनाल पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह किसान हैं और यही काम करते हैं।
गडकरी ने बृहस्पतिवार को जीआईसी के मैदान में भाषण की शुरुआत यूूपी के किसानों की गरीबी से की। करीब 50 मिनट के भाषण में अधिकांश समय किसानों पर बोले। गडकरी ने कहा कि उन्हें पहली बार देवभूमि पर आने का मौका मिला है। यूपी की संस्कृति दुनिया भर में मशहूर है। राम की जन्मभूमि यहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं सस्ता है मगर ब्रेड और बिस्किट महंगा है। मिट्टी के भाव से चावल बिक रहा है। गेहूं-धान बो कर किसान खुशहाल नहीं रह सकते हैं। किसानों को खुद अपनी तकदीर बदलनी होगी। सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि ज्ञान का रूपांतर संपत्ति के रूप में करने की जरूरत है। गन्ने की खोई और धान के पुआल से इथेनाल बनाकर किसान मालामाल हो सकते हैं। कोयले से मिथेनाल बनाया जा सकता है। यह पेट्रोल-डीजल से सस्ता है। गडकरी ने कहा कि उन्होंने बस, कार और बाइक निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे इथेनाल से चलने वाले वाहन बाजार में उतारें। ऐसे में इथेनॉल का मांग बढ़ जाएगी। किसान इथेनाल बेचकर तरक्की की राह पर चल पड़ेंगे।
यूपी की बसों में हॉर्न कम, बाकी सब कुछ बजता है
गडकरी ने कहा कि यूपी, बिहार और मध्यप्रदेश की बसों में हॉर्न कम बाकी सब कुछ बजता है। उन्होंने कहा कि एक दिन यूपी के एक दोस्त उनसे मिलने आए थे। सरकारी बसों की बात चली तो उन्होंने यह कहानी बताई। उन्होंने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से चुटकी लेते हुए कहा कि बताओ ऐसा है कि नहीं। केशव मुस्कुरा कर रह गए। उन्होंने कहा कि आज जमाना इलेक्ट्रिक बसों का है। महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगी हैं। इससे डीजल का खर्च भी कम होगा। गडकरी ने डिप्टी सीएम से कहा कि कहो तो एक बस यूपी को गिफ्ट कर दें।
रुपये की कमी नहीं, इच्छाशक्ति से होगा काम
नितिन गडकरी ने कहा कि देश में रुपये की कमी नहीं है। कमी है तो बस इच्छाशक्ति की। यदि इच्छाशक्ति को मजबूत कर लिया जाए तो देश का हर नागरिक खुशहाल हो जाएगा और देश तरक्की की राह पर दौड़ने लगेगा। भाजपा विकास कार्य तेजी से करा रही है।