श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बृहस्पतिवार को खजांची चौराहे पर 5052 मजदूरों को अलग-अलग योजनाओं के लिए 30 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ दिया। इसमें शादी अनुदान और शारीरिक स्वास्थ्य योजना के स्वीकृति पत्र अधिक थे। आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में भेजी गई।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रमिकों की संख्या बढ़ाने की कवायद चल रही है। अब श्रमिक अड्डों पर जाकर उनका पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण शुल्क भी 50 से घटाकर 20 रुपये कर दिया गया है।
अब पंजीकरण के एक साल बाद ही स्वास्थ्य संबंधी योजना का लाभ मिलने लगेगा। पहले पंजीकरण और लाभ पाने की अवधि तीन साल थी। उन्होंने कहा कि अगर पंजीकृत श्रमिक बीमार पड़ता है तो उसके इलाज का पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा। सर्दी, बुखार और जुकाम के लिए सालाना तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एकमुश्त 55 हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। कक्षा छह, सात और आठ में पढ़ने वाले श्रमिक के बच्चों के लिए प्रतिमाह 150 रुपये, नौ और दस में पढ़ने वालों को 500, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वालों को 2000 और मेडिकल की पढ़ाई पर 5000 रुपये प्रतिमाह देने की योजना है। सस्ता खाना देने की योजना पर भी काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के बारे में सोचा था। प्रदेश सरकार उनके बताए रास्ते पर चलकर मजदूराें के लिए योजनाएं क्रियान्वित कर रही है। योगी सरकार ने निर्णय लिया है कि सामूहिक विवाह योजना के तहत 65 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। शादी योजना के लिए यह धनराशि 55 हजार रुपये स्वीकृत है।
इस मौके पर विधायक डॉ.आरएमडी, पूर्व विधायक राजेश त्रिपाठी, उप श्रमायुक्त एके सिंह, सहायक श्रम आयुक्त सियाराम, वीके श्रीवास्तव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अमित प्रकाश सिंह, उज्जवल कुमार त्रिपाठी, भुलई राम, विकास श्रीवास्तव, दयानंद शर्मा, आलोक विशेन, संतराज शर्मा, अनिल सिंह आदि मौजूद थे।
आठ सौ मजदूरों का हुआ पंजीकरण
श्रम मंत्री ने कहा कि पंजीकृत मजदूरों की दुर्घटना होने पर पांच लाख, स्थायी विकलांगता, सामान्य मृत्यु पर दो लाख और आंशिक विकलांगता पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिवार को दी जाएगी। मातृत्व हित लाभ योजना, शिशु हित लाभ योजना, बालिका मदद योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजनाएं भी चल रही हैं।
झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले पंजीकृत मजदूरों को पक्का मकान बनाने के लिए एक लाख की सहायता दी जाएगी। शर्त यह है कि जमीन उसकी होनी चाहिए। इस मौके पर आठ सौ श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। साथ ही दो सौ लोगों को कंबल दिए गए।