फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एयरफोर्स डे- शहर में बनते हैं फाइटर प्लेन के इंजन

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर।
एयरफोर्स स्टेशन में फाइटर प्लेन की रिहर्सल के साथ ही इन प्लेन की जांच और मरम्मत के लिए भी व्यवस्था मौजूद है। इसके लिए स्टेशन में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंजन टेस्ट बेड (ईटीबी) का निर्माण कराया गया है। 2004 में ईटीबी का निर्माण होने के बाद से अब तक हजारों इंजनों की जांच यहां हो चुकी है। इससे मेंटीनेंस का खर्च कम हुआ है। प्लेन से इंजन को निकालकर एयर टाइट टेस्टिंग रूम में हूबहू फाइटर प्लेन के बने ढांचे में फिट कर उसके हर पार्ट की बारीकी से जांच की जाती है। ये रूम सीसीटीवी कैमरे से लैस होता है। टेस्टिंग रूम में इंजन के हवा को खिंचने के लिए आगे की तरफ व्यवस्था मौजूद है, वहीं पीछे से धुएं के निकलने की व्यवस्था बनाई गई है। इस आधुनिक सेंटर के निर्माण होने से शहर में ही फाइटर प्लेन की मरम्मत की राह खुली है।

अनाम योद्धा है एटीसी सेंटर
आकाश में फाइटर प्लेन को गोते लगाते हुए देखकर सभी का मन रोमांचित हो जाता है, मगर इस प्लेन को हवा में पहुंचाने में बेहद अहम भूमिका एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर (एटीसी) सेंटर की होती है। इस सेंटर के अफसर और तकनीकी कर्मचारी अनाम योद्धा की तरह काम करते हैं। इंजन को स्टार्ट करने से लेकर वापस उसे बंद करने तक की पूरी प्रक्रिया में एटीसी सक्रिय भूमिका निभाता है। एयरपोर्ट में तीन मंजिला बने इस टॉवर से पल-पल प्लेन की हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। इसकी परमिशन के बिना कोई भी प्लेन हवा में उड़ान नहीं भर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरे दिन भी जारी रही प्रदर्शनी
एयरफोर्स डे के उपलक्ष्य में एयरफोर्स स्टेशन में चल रही फाइटर प्लेन की प्रदर्शनी बुधवार को भी जारी रही। इस दौरान एयरफोर्स कर्मचारियों के घरवालों ने प्रदर्शनी में लगे सूर्य किरन, जगुआर, माइक्रोलाइट और एमआई-17 हेलीकॉप्टर देखे। इस दौरान फाइटर प्लेन में लगने वाले गोला बारूद लोगों के बीच कौतूहल का विषय बने रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें