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जिला अस्पताल में अफरातफरी की स्थिति

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कुशीनगर। सरया खास गांव के पास शुक्रवार की सुबह हुए हादसे के कुछ ही देर बाद झुलसे श्रद्धालु जिला चिकित्सालय लाए गए। तब तक प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया था। परंतु अचानक बढ़ी भीड़ के चलते वहां अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। सीएमएस ने तत्काल सभी डॉक्टरों को अस्पताल बुलाया। सीओ सदर ने भीड़ को संभाला।
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करीब पौने आठ बजे जिला चिकित्सालय में इस हादसे से संबंधित लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। तब तक घटना की जानकारी जंगल बेलवा और जंगल अमवा गांव के लोगों को भी हो चुकी थी। अपने पड़ोसियों व गांव के लोगों का हाल जानने के लिए तमाम लोग जिला चिकित्सालय पहुंच गए। इसके चलते इमरजेंसी वार्ड से लगायत बाहर तक भीड़ दिखने लगी। जिन बेडों पर मरीज लिटाए गए थे, उनके चारों तरफ लोग खड़े हो गए थे। सीओ सदर ने लोगों को समझाकर भीड़ में शामिल लोगों को इधर-उधर किया, लेकिन लोग दूसरी तरफ से घूमकर फिर वहीं खड़े हो जा रहे थे। जिला चिकित्सालय के सीएमएस लालता प्रसाद भी पहुंच चुके थे। भीड़ देख सीएमएस ने सभी डॉक्टरों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचने को कहा। उस वक्त डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी का टाइम भी हो चुका था, लिहाजा कुछ ही देर बाद डॉक्टर राजेश कुमार, डॉक्टर रमाशंकर, डॉक्टर एएन मल्ल, डॉक्टर विजय शंकर सिंह, डॉक्टर सतीश रंजन, डॉक्टर बीएन पांडेय, डॉक्टर अमरेंद्र समेत अन्य चिकित्सक भी इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए। अस्पताल के अन्य पैरा मेडिकल स्टॉफ को बुलाकर यहां लगा दिया गया था। स्टोर से दवाइयां व अन्य जरूरी सामान भी आ गए थे। सीओ सदर लगातार मरीजों के इलाज की जानकारी ले रहे थे। झुलसे मरीजों व उनके घरवालों की वेदना से माहौल बेहद गमगीन था। सीएमएस ने प्राथमिक उपचार के बाद जिन सात मरीजों की हालत गंभीर बताई, उन्हें सीओ ने तत्काल एंबुलेंस मंगाकर मेडिकल कॉलेज रेफर कराया। यहां तक कि इमरजेंसी गेट पर खड़ी हो गई बाइक को भी सीओ ने खुद जाकर हटवाया और गंभीर मरीजों को जल्दी एंबुलेंस उपलब्ध कराया। भीड़ नियंत्रित रहने से इलाज में सहूलियत हुई।
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