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तीसरे जुमे पर नमाजियों से भरी रहीं मस्जिदें

Fri, 16 Jun 2017 07:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे नमाजी। - फोटो : Amar Ujala
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जहन्नम से आजादी का रमजान का तीसरा अशरा शुरू हो चुका है। शुक्रवार को इफ्तार से पहले शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में खुदा के बंदों ने एतिकाफ शुरूकर दी। वहीं शब-ए-कद्र की पहली ताक रात में मस्जिद इबादत करने वालों से आबाद रही। रमजानुल मुबारक का तीसरा जुमा इबादत-ए-इलाही में सराबोर रहा। रोजेदारों ने सेहरी खाई। पुरुषों ने मस्जिदों में तो महिलाओं ने घरों में नमाज अदा की। फर्ज नमाजों के साथ लोगों ने नफील नमाज कसरत से पढ़ी। तिलावते कुरान शरीफ व तस्बीह के जरिये जहन्नम से आजादी की दुआएं मांगी गई। घरों में भी इबादत की गई।
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मुफ्ती अख्तर हुसैन ने कहा कि रमजान में कुरान नाजिल हुआ। इस माह शब-ए-कद्र की रात है, जिसमें इबादत करने वालों को 83 साल की इबादत का सवाब उनके नामा-ए-आमाल में लिखा जाता है। तरावीह की नमाज पूरे रमजान तक पढ़नी है। जहन्नम से आजादी का अशरा शुरू हो चुका है लिहाजा खूब इबादत करें और गुनाहों की माफी मांगे। सलातो सलाम पढ़कर मुल्क के लिए अमन-चैन की दुआएं मांगें। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। कुरान शरीफ की तिलावत की गई। हफ्ते की ईद यानी जुमा के नमाज की तैयारी शुरू हो गई। जुमा की अजान होने तक मस्जिदें नमाजियों से भरी रहीं और सुन्नतें अदा की गई।

मस्जिद के पेश इमाम हाफिज व कारी मोहम्मद अफजल बरकाती ने तरावीह में कुरान मुकम्मल किया। उन्होंने कहा कि कुरान तमाम इंसानियत के लिए हिदायत है कि कुरान पर अमल कर दुनिया को संवारें। हजरत-ए-मौला अली के फजायल पर कहा कि जिसे कुरान की तस्वीर देखनी हो वह हजरत अली की जिंदगी का अध्ययन करें। इसके अलावा रहमत नगर जामा मस्जिद में मौलाना अली अहमद, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना असलम रजवी, गौसिया जामा मस्जिद में मौलाना मोहम्मद अहमद, मस्जिद हसनैन घासीकटरा में हाफिज रज्जब अली, मकबरे वाली मस्जिद बनकटीचक में मौलाना गुलाम दस्तगीर निजामी मस्जिद, सुभानिया तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अजीजी, नूरानी मस्जिद, रेलवे क्रासिंग हुमायूंपुर में मौलाना रियाजुद्दीन कादरी, रजा मस्जिद कसाई टोला जाफ रा बाजार में सूफ ी जावेद ने फ तह मक्का की दास्तान बयान की।
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कुरान इंसानी जिंदगी का आइना
एक कुरान की तिलावत मुकम्मल होने पर रहमत नगर जामा मस्जिद में नमाजियों ने मुल्क के अमन तरक्की व खुशहाली के लिए दुआएं कीं। अली अहमद शाद बस्तवी ने कहा कि कुरान कलाम इलाही है। इसका एक भी अक्षर न बदला है न बदलेगा। कुरान का पढ़ना, सुनना, देखना व छूना सभी कुछ इबादत है। दुनिया में कुरान सिर्फ किताब नहीं बल्कि इंसानी जिंदगी का आइना है। हाफिज कुरबान अली ने कुरान शरीफ मुकम्मल किया। इस मौके पर अली गजनफ र शाह, अली मुजफ्फर शाह, अली अख्तर मुश्ताक, नासिर अली, अली मजहर शाह, साजिश कुरैशी, मुबारक अहमद आदि मौजूद रहे।
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