गोरखपुर। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब जिला प्रशासन ने भी पटाखों की बिक्री और उन्हें जलाने पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। लाइसेंसधारी दुकानदार भी तेज आवाज वाले पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेंगे। देवी-देवताओं के चित्र लगे पटाखों की बिक्री पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। रात 10 से सुबह छह बजे तक पटाखे जलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सभी उप जिलाधिकारियों को निगरानी सौंपी है।
डीएम के निर्देशानुसार कोई भी दुकानदार ऐसे पटाखों की बिक्री नहीं करेगा जिसके फटने से चार मीटर की दूरी पर 145 डेसिबल से ज्यादा की ध्वनि सुनाई देती हो। अस्पताल, शैक्षणिक क्षेत्र, न्यायालय, धार्मिक स्थल या सक्षम प्राधिकारी द्वारा घोषित अन्य स्थानों के 100 मीटर के दायरे में पटाखा छोड़ने या आतिशबाजी करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। पटाखा बेचने वाले दुकानदारों को 10 किलो क्षमता का अग्निशमन यंत्र, पानी का एक ड्रम, बालू भरी बाल्टियां व भीगी बोरियां रखने के साथ ही धूम्रपान निषेध का बोर्ड लगाना होगा। स्वीकृत मात्रा से अधिक आतिशबाजी विक्रय स्थल पर रखने पर दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।