विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की तरफ से सोमवार की दोपहर बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार किया। मुख्य अभियंता कार्यालय पर तीन घंटे तक चले प्रदर्शन में सभी ने सरकार को निजीकरण किए जाने पर चेतावनी दी। इसमें राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता परिषद और विद्युत मजदूर संगठन के सदस्य भी शामिल रहे।
अवर अभियंता संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने आंदोलन की रूपरेखा के बारे में बताया। कहा कि लखनऊ में कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया था कि प्रदेश भर के सभी मुख्य अभियंता कार्यालय पर जेई संगठन के सदस्य एकजुट होकर सोमवार की दोपहर से कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करेंगे। अधिशाषी अभियंता मुदित तिवारी ने कहा कि सरकार सुधार के नाम पर जनता को बरगलाने का काम कर रही है। संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि 2010 में निजीकरण का काम करने आई टोरंट कंपनी बिजली विभाग को घाटे में पहुंचा रही है। यदि सरकार ने अपने निर्णय पर विचार नहीं किया तो 27 मार्च को प्रदेश व्यापी हड़ताल होगी।
इस दौरान बिजली आपूर्ति भी प्रभावित की जाएगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार को मुख्य अभियंता दफ्तर पर धरना भी दिया गया। इस दौरान अखिलेश गुप्ता, अभिषेक सिंह, संतोष चौधरी, सतीश सिंह, अंगद सिंह, दिलीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।