किसानों की बदहाली और बिजली संकट सहित कई समस्याओं को दूर करने की मांगों के समर्थन में शनिवार को सपा कार्यकर्ताओं ने जिले की सभी तहसीलों में धरना-प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए सीएम सहित प्रदेश के मंत्रियों की आलोचना की। साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन संबंधित एसडीएम को दिया। समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
सदर तहसील में धरना-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सपा के जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, प्रदेश का किसान बेहाल है। उन्होंने प्रदेश सरकार को विकास विरोधी के साथ ही किसान विरोधी भी करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री सिर्फ अपने भाषणों में किसानों के कल्याण का दावा कर रहे हैं, जबकि सूबे के किसान परेशान हैं। लागत के बराबर भी दाम नहीं मिलने से किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज से ही बाहर नहीं निकल पा रहा। धान की अच्छी उपज होने से किसानों को बिचौलियों के हाथों लुटना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को न समय से बीज मिला रहा, न खाद। नहरों में समय से पानी भी नहीं पहुंच रहा और सिंचाई विभाग के अफसर मालामाल हो रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों का वर्ष 2017 में गन्ना पेराई का करीब 1500 करोड़ रुपये अब भी बाकी हैं। मानबेला किसानों से जीडीए जबरन जमीन अधिगृहीत कर रहा है। पिछले साल आई बाढ़ से हुए नुकसान के लिए अभी तक पीड़ितों को मदद नहीं मिल सकी ।
धरने में जियाउल इस्लाम, राममिलन यादव, चंद्रबली यादव, विजय बहादुर यादव, रजनीश यादव, किसान सिंह, जफ र अमीन डक्कू, अमरेंद्र निषाद, राजकुमारी देवी, सिंहासन यादव, कीर्तिनिधि पांडेय, नगीना साहनी, राघवेंद्र तिवारी, राहुल गुप्ता, अली हुसेन, विश्वनाथ विश्वकर्मा, शहाब अंसारी, हाजी शकील अंसारी, पप्पू चौधरी, सुशीला भारती, उर्मिला देवी, पतासी देवी, जवाहर यादव समेत कई सपाई मौजूद रहे।