अधिवक्ता के खिलाफ भी लूट केस दर्ज
कक्ष में हंगामा करने पर अपर नगर आयुक्त ने दी थी तहरीर
मंगलवार को वकील की तहरीर पर अपर नगर आयुक्त के खिलाफ हुआ था केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
अपर नगर आयुक्त के कक्ष में हंगामा करने वाले अधिवक्ता के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अधिवक्ता के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, लूट और दफ्तर में घुसकर गाली गलौच संबंधी धाराओं में केस किया गया है। मंगलवार को अपर नगर आयुक्त ने कक्ष में किए गए हंगामे में जिम्मेदार ठहराते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी थी।
मंगलवार को अपर नगर आयुक्त दीपक कृष्ण सिन्हा के कक्ष में हंगामा हुआ था। नामांतरण संबंधी सुनवाई के दौरान काजीपुर कला इलाके के एक व्यक्ति के वकील उपेंद्र धर दुबे को किसी ने थप्पड़ मार दिया। जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं ने वहां हंगामा किया। साथ ही डीएम से मिलकर अपर नगर आयुक्त के खिलाफ शिकायत की। आरोप लगाया कि अपर नगर आयुक्त ने कुछ लोगों के साथ मिलकर कक्ष में खूब पिटाई की। साथ ही 23 हजार नकद, मोबाइल फोन और सोने की चेन लूट ली। इस संबंध में अधिवक्ता उपेंद्र धर दुबे ने कोतवाली थाने में भी तहरीर दी थी। इस आधार पर अपर नगर आयुक्त के खिलाफ लूट का केस दर्ज हो गया था। वहीं बुधवार को अपर नगर आयुक्त की तहरीर पर अधिवक्ता उपेंद्र धर दुबे के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो गया।
नगर निगम कर्मियों ने कमिश्नर को दिया ज्ञापन
नगर निगम के कर्मचारियों ने कमिश्नर को ज्ञापन देकर अपर नगर आयुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमा खारिज करने की मांग की। कहा, अधिवक्ता उपेंद्र धर दुबे के आरोप निराधार हैं। अधिवक्ताओं ने दबाव देने के मकसद से कार्य बहिष्कार रखा है। ऐसे में अधिवक्ता को जिस व्यक्ति के द्वारा अपमानित किया गया उसे चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन की प्रति डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त को दी गई। इस दौरान मो. आरिफ सिद्दीकी, कौशल कुमार शुक्ला, जावेद अहमद, शेषनाथ पांडेय, देवीशंकर दुबे, विशाल श्रीवास्तव, याकूब खां, एजाज आलम, जावेद अनवर सिद्दीकी, गणेश प्रसाद, राजू प्रसाद, देवेंद्र त्रिपाठी, धनवान सिंह, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया
गोरखपुर। अपर नगर आयुक्त की गिरफ्तारी के लिए अधिवक्ताओं ने बुधवार का विधिक कार्य ठप रखा। जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष केके त्रिपाठी ने कहा कि बुधवार को जिला सत्र न्यायालय में सारे विधिक कार्य ठप रहे। बृहस्पतिवार को सातों तहसीलों के अधिवक्ता संगठन की बैठक बुलाई गई है। इसमें आगे की रणनीति तय होगी।