शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर )। सरकार की कोशिश प्राथमिक शिक्षा की बदहाली को दूर कराने की है। जिम्मेदारों की उदासीनता इन कोशिशों पर भारी पड़ रही है। इसकी नजीर शनिवार को क्षेत्र के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में नजर आई। यहां सेमरा गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का ताला नए सत्र में 14 दिन बीतने के बाद भी नहीं खुला है तो कई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षक गैर हाजिर हैं। विभिन्न स्कूलों की पड़ताल के दौरान यह लापरवाही उजागर हुई।
बीआरसी अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय महदेवा नानकार में करीब 11 बजे एक कमरे में दो सहायक अध्यापक कुर्सी पर आराम फरमा रहे थे तो बच्चे आपस में बातचीत में मशगूल रहे। यहां प्रधानाध्यापक व एक सहायक अध्यापक अवकाश पर थे। विद्यालय में 14 जुलाई से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों का उपस्थित रजिस्टर में हाजिरी दर्ज नहीं थी। पंजीकृत 86 बच्चों में केवल 28 ही मौजूद मिले। एमडीएम रजिस्टर पर भी दो दिनों का डिटेल नहीं भरा गया था। सहायक अध्यापक अमित मणि त्रिपाठी ने बताया कि उपस्थिति रजिस्टर भरने का काम प्रधानाध्यापक का है। कक्षा चार व पांच के बच्चे प्रधानमंत्री का नाम भी नहीं बता सके। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेमरा का नए सत्र में अब तक ताला नहीं खुला था।
प्राथमिक विद्यालय सेमरा में प्रधानाध्यापक शिवानंद श्रीवास्तव, सहायक अध्यापक अशोक, शिक्षामित्र अन्नू अनुपस्थित रहे। मौजूद शिक्षक मोहम्मद आमिर ने सहायक अध्यापक अशोक अवकाश पर हैं। प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्र विद्यालय क्यों नहीं आए, जानकारी नहीं है। यहां नौ रसोइया एमडीएम में सब्जी, चावल मीनू के अनुसार नौ बच्चों के लिए बनाने की बात बताई। गेहूं की बोरी में कीड़े नजर आए। इस बाबत बीईओ विजय गुप्ता ने बताया कि जांच कर लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र भेजा जाएगा।